सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस डिपो बनाने के लिए रेलवे की लोको कॉलोनी में क्वार्टर तोड़े जाएंगे। इसके साथ ही अवैध कब्जा भी हटाया जाएगा। वंदे भारत के कोचिंग डिपो को मंजूरी मिलने के बाद से रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग जमीन की व्यवस्था में जुटा है। टाटानगर स्टेशन और न्यू इलेक्ट्रिक लोको शेड के पास पास कोचिंग डिपो बनने से रेलवे को कई कार्यों में सहूलियत होगी।
यह भी पढ़े : कोल्हान में 27 से बदलेगा मौसम, होगी बारिश और वज्रपात
हल्दीपोखर मार्ग पर ट्रेनों के खाली कोच खड़े करने के लिए स्टेबलिंग लाइन बनाने की भी योजना है, ताकि टाटानगर स्टेशन और यार्ड की लाइनें जाम न हों। जानकारी के अनुसार, दोनों योजनाओं के लिए रेलवे छठ के बाद अवैध कब्जा हटाने की तैयारी में है। लोको कॉलोनी में 400 से अधिक और परसूडीह में रेलवे लाइन के किनारे बसी बस्तियों के 270 से ज्यादा लोगों को पहले जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया था। हालांकि, काम शुरू नहीं होने के कारण अतिक्रमण हटाने का अभियान टल गया था।
गुदड़ी बाजार की दुकानें भी टूटेंगीः
दूसरी ओर, टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास के तहत जुगसलाई की ओर गुदड़ी बाजार और मेन रोड की कई दुकानें टूट सकती हैं। रेलवे गति शक्ति का इंजीनियरिंग विभाग लगातार जमीन की मांग कर रहा है। इस दौरान स्टेशन रोड और अन्य इलाकों में रेलवे की लीज के नियमों के खिलाफ बनी दुकानों को भी तोड़ने की तैयारी है। दरअसल, वंदे भारत ट्रेनों के प्रस्तावित कोचिंग डिपो में कोचों की जांच, धुलाई और नियमित रखरखाव के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए लोको कॉलोनी में रेलवे के करीब 40 वर्ष पुराने क्वार्टर तोड़कर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन और रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी।
रेलवे को 45 हजार वर्गमीटर जमीन की है जरूरत
मालूम हो कि टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास के तहत सड़क, पार्किंग और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए रेलवे गति शक्ति को करीब 45 हजार वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। इसके लिए जनवरी 2026 में कीताडीह रोड पर दुकानों के साथ दो दर्जन से अधिक रेलवे क्वार्टर भी तोड़े गए थे।










