सोशल संवाद / जमशेदपुर : नई शिक्षा नीति के तहत कोल्हान विश्वविद्यालय में जल्द ही एक वर्षीय पीजी कोर्स शुरू किया जाएगा। इसे लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं, वर्ष 2026 सत्र से यूजी चौथे वर्ष का पहला बैच भी शुरू हो गया है।
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एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर सभी कॉलेजों से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके बाद अब इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यूजी को तीन वर्षीय से चार वर्षीय कोर्स बनाए जाने के बाद अब पीजी में भी बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय में पीजी के नए सिलेबस की तैयारी भी की जा रही है, जिसे जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अब तक यूजी में तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को दो वर्षीय पीजी कोर्स करना पड़ता था, लेकिन चार वर्षीय यूजी कोर्स लागू होने के बाद केवल एक वर्ष का पीजी कोर्स करना होगा।
जारी रहेगा 2 वर्षीय पीजी :
तीन वर्षीय यूजी करने वाले विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय पीजी व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी। हालांकि, नए बदलाव लागू होने के बाद पीजी शिक्षा प्रणाली में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। वहीं, पीजी में वर्षों से चली आ रही पारंपरिक विषय-बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। नई शिक्षा नीति (एनईपी
2020) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए पोस्ट ग्रेजुएट करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत अब विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय बदलने की स्वतंत्रता मिलेगी। एनईपी के तहत चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को एक वर्षीय पीजी कोर्स का लाभ मिलेगा। आने वाले समय में पूरे देश में चार वर्षीय स्नातक व एक वर्षीय पीजी की व्यवस्था लागू होने की संभावना है।
यूजी चार वर्षीय कोर्स का यह पहला बैच है। इसके बाद एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एक वर्षीय पीजी शुरू होने से विद्यार्थियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
डॉ. अशोक कुमार झा, प्रवक्ता, कोल्हान विश्वविद्यालय न्यूज़ पूरा है।
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