सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर फिर वायरल हुआ पोस्ट, 8 जून को ‘डबल मर्डर प्लान’ का दावा; जानें क्या है पूरा मामला

By Riya Kumari

Published :

Follow
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर फिर वायरल हुआ पोस्ट, 8 जून को 'डबल मर्डर प्लान' का दावा; जानें क्या है पूरा मामला

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद एक बार फिर यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। समरयान द्विवेदी नाम के एक व्यक्ति की कथित सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें सुशांत की मौत को आत्महत्या नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश बताया गया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि अभिनेता की हत्या की योजना बनाई गई थी और इसके लिए घटनाओं की एक कथित टाइमलाइन तैयार की गई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी पढे : Netflix पर छाई विजय सेतुपति की फिल्म ‘बत्था’, थिएटर में नहीं चला जादू, OTT पर बनी नंबर-1

Sunrise Enclave

वायरल पोस्ट में क्या-क्या दावे किए गए?

वायरल पोस्ट के मुताबिक, सुशांत को फिल्मों से अलग-थलग करने की कथित योजना बनाई गई थी। इसमें दावा किया गया है कि फिल्मी प्रोजेक्ट्स से उन्हें बाहर किए जाने और पुराने स्टाफ को हटाने जैसी घटनाएं किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थीं।

पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुशांत को दी जाने वाली दवाओं में बदलाव किया गया और उनके व्यवहार को लेकर ऐसी परिस्थितियां बनाई गईं, जिनसे उनकी मौत को आत्महत्या माना जा सके। इन आरोपों के समर्थन में पोस्ट में कोई सत्यापित सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया है।

8 जून को डबल मर्डर की साजिश का दावा

पोस्ट का सबसे चर्चित दावा 8 जून 2020 को लेकर है। इसमें कहा गया है कि इसी दिन सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या की योजना बनाई गई थी। पोस्ट के अनुसार, सुशांत की बहन के अचानक पहुंचने से कथित योजना सफल नहीं हो सकी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि किसी जांच एजेंसी की रिपोर्ट से नहीं हुई है।

CBI की जांच में क्या सामने आया था?

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई। मार्च 2025 में CBI ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए अपनी जांच में हत्या या किसी अन्य व्यक्ति की आपराधिक भूमिका का सबूत नहीं मिलने की बात कही थी। रिपोर्ट में मामले को आत्महत्या बताया गया।

इससे पहले AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में हत्या की आशंका को खारिज किया था। मेडिकल बोर्ड ने मौत को फांसी से हुई मौत और आत्महत्या का मामला बताया था।

वायरल दावों और जांच के निष्कर्षों में अंतर

सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और जांच एजेंसियों के आधिकारिक निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है। फिलहाल वायरल पोस्ट में बताई गई कथित टाइमलाइन और साजिश के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य या हत्या का प्रमाण मानना सही नहीं होगा।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट