सोशल संवाद / गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के भंडरिया प्रखंड के तेवाली गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गांव के पास स्थित जंगल में एक बाघ ने पालतू भैंस का शिकार कर लिया। घटना की पुष्टि वन विभाग ने भी की है। इसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों से फिलहाल जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की गई है।
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जानकारी के मुताबिक, तेवाली गांव निवासी अर्जुन सिंह की भैंस रविवार की शाम रोज की तरह जंगल में चरने गई थी। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन भी काफी देर तक जंगल में खोजबीन की गई। आखिरकार जंगल के अंदर नदी किनारे कोरेणडूबा के पास भैंस का शव मिला।
भैंस की हालत देखकर परिवार को तुरंत किसी जंगली जानवर के हमले का शक हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले, जिसके बाद यह साफ हो गया कि भैंस का शिकार बाघ ने किया है।
फॉरेस्टर कमलेश कुमार, तुषार कुमार और उपेंद्र कुमार ने मौके का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। वन विभाग की टीम आसपास के इलाके में भी बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गढ़वा दक्षिण वन प्रमंडल के डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि शुरुआती जांच में बाघ के हमले की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि बाघ ने जंगल के काफी अंदर भैंस का शिकार किया है और मौके से उसके पंजों के स्पष्ट निशान भी मिले हैं। विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
डीएफओ ने यह भी बताया कि प्रभावित पशुपालक को सरकार के नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही आसपास के गांवों के लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल जंगल में जाने से बचें। यदि कहीं बाघ दिखाई दे या उसके होने की आशंका हो तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग अपने मवेशियों को जंगल में चराने भेजने से भी बच रहे हैं और बाघ की मौजूदगी को लेकर सतर्क हैं।









