नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग? जानें Somniloquy क्या है और कब हो सकती है चिंता की बात

By Riya Kumari

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नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग? जानें Somniloquy क्या है और कब हो सकती है चिंता की बात

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सोशल संवाद / डेस्क : रात में सोते समय कुछ लोगों के मुंह से अचानक आवाजें निकलने लगती हैं। कोई धीरे-धीरे बड़बड़ाता है तो कोई साफ शब्दों या पूरे वाक्यों में बात करता हुआ नजर आता है। कई बार व्यक्ति को सुबह इसका पता भी नहीं होता। मेडिकल भाषा में नींद के दौरान बोलने या बड़बड़ाने की इस स्थिति को Somniloquy कहा जाता है। इसे Parasomnia की एक स्थिति माना जाता है और ज्यादातर मामलों में यह गंभीर समस्या नहीं होती।

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नींद में बड़बड़ाने की वजह क्या है?

नींद में बोलने की एक निश्चित वजह हर व्यक्ति में नहीं होती। विशेषज्ञों के मुताबिक तनाव, चिंता, नींद की कमी और नींद के पैटर्न में बदलाव इसके संभावित कारण हो सकते हैं। कभी-कभी यह सपनों से भी जुड़ा हो सकता है, हालांकि हर बार नींद में कही गई बातों का सपनों से सीधा संबंध हो, यह जरूरी नहीं है।

इसके अलावा Sleep Apnea, नींद में चलने जैसी दूसरी parasomnia और खराब या बाधित नींद भी sleep talking से जुड़ी हो सकती है।

नींद में बड़बड़ाना कैसा होता है?

यह केवल अस्पष्ट आवाजों या बड़बड़ाने तक सीमित नहीं है। कुछ लोग नींद में फुसफुसा सकते हैं, कुछ सामान्य आवाज में बोल सकते हैं और कुछ लोग पूरे वाक्य या बातचीत जैसा भी बोल सकते हैं। व्यक्ति को अक्सर इस दौरान अपनी बात करने की जानकारी नहीं होती।

क्या नींद में बोलना खतरनाक है?

ज्यादातर मामलों में sleep talking हानिरहित होता है और इसके लिए किसी विशेष इलाज की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि अगर इसके साथ बार-बार नींद टूटना, बहुत ज्यादा दिन की नींद, नींद में चलना या सपनों को शारीरिक रूप से दोहराने जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

नींद में बड़बड़ाने से बचने के लिए क्या करें?

नींद की बेहतर आदतें इस समस्या को कम करने में मदद कर सकती हैं। इसके लिए:

  • रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें।
  • पर्याप्त नींद लें और लगातार नींद की कमी से बचें।
  • सोने से पहले चाय, कॉफी जैसे stimulants का सेवन कम करें।
  • रात में सोने से पहले मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करें।
  • बेडरूम का माहौल शांत और आरामदायक रखें।
  • तनाव कम करने के लिए सोने से पहले रिलैक्सेशन, हल्का संगीत या किताब पढ़ने जैसी गतिविधियां अपनाई जा सकती हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर नींद में बड़बड़ाना लगातार हो रहा है, आपकी या आपके साथ सोने वाले व्यक्ति की नींद प्रभावित हो रही है, दिन में अत्यधिक थकान रहती है या इसके साथ नींद में हिंसक हरकतें, चलना या अन्य असामान्य व्यवहार दिखाई देता है, तो डॉक्टर या sleep specialist से सलाह लेना बेहतर है। ऐसी स्थिति में दूसरी sleep disorders की जांच की जरूरत पड़ सकती है।

ध्यान रखें: नींद में कभी-कभार बड़बड़ाना आमतौर पर चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

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