सोशल संवाद / डेस्क : मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव जीतने के तुरंत बाद विधायक के इस्तीफा देने और उसके बाद दूसरी पार्टी के चुनाव चिह्न पर उसी सीट से दोबारा चुनाव लड़ने की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि विधायक को इस्तीफा देने का अधिकार है, लेकिन ऐसे मामलों में उन मतदाताओं के अधिकारों पर भी विचार जरूरी है, जिन्होंने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा है।
यह भी पढ़े : NTA Exam Calendar 2026-27: JEE Main, UGC NET समेत 14 परीक्षाओं की डेट्स जारी
यह मामला तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से जुड़ा है। इन दोनों सीटों पर AIADMK के विधायक मरागाथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी। दोनों बाद में TVK में शामिल हुए।
विधायक के इस्तीफे और मतदाताओं के अधिकार पर सवाल
जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस के. गोविंदराजन की डिवीजन बेंच ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान चुनाव जीतने के तुरंत बाद इस्तीफा देकर उसी सीट से उपचुनाव लड़ने की स्थिति पर सवाल किया।
कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह बताने को कहा कि क्या ऐसे मामलों से निपटने के लिए कोई गाइडलाइन मौजूद है। बेंच ने चुनाव आयोग को मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदमों पर विचार करने को कहा।
उपचुनाव पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार
मद्रास हाई कोर्ट ने फिलहाल मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनाव पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अदालत द्वारा उसमें हस्तक्षेप करने की सीमाएं होती हैं। चुनाव आयोग ने दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान की घोषणा की है। नामांकन प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू हुई थी और मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।
याचिकाकर्ता ने सुझाए ये उपाय
जनहित याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता के. सुथन ने मांग की है कि चुनाव जीतने के तुरंत बाद स्वेच्छा से इस्तीफा देने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों की वजह से होने वाले अतिरिक्त चुनावी खर्च के लिए वित्तीय जवाबदेही तय करने की व्यवस्था हो।
याचिका में ‘इलेक्शन एक्सपेंडिचर सिक्योरिटी’ का सुझाव दिया गया है। इसके तहत ऐसे प्रतिनिधियों से उपचुनाव में होने वाले सार्वजनिक खर्च के अनुरूप राशि जमा कराने की व्यवस्था की बात कही गई है। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने स्वेच्छा से और समय से पहले इस्तीफा देने वाले प्रतिनिधियों के दोबारा चुनाव लड़ने पर एक निश्चित अवधि के ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ पर विचार करने का सुझाव भी दिया है।
किन सीटों पर हो रहा है उपचुनाव?
मदुरंतकम और धारापुरम सीटें क्रमशः मरागाथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुईं। दोनों ने 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी और बाद में इस्तीफा देकर TVK में शामिल हुए। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु की इन दो सीटों के अलावा पुडुचेरी की थट्टांचावडी सीट पर भी उपचुनाव की घोषणा की है।
आगे क्या होगा?
मामले में हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से ऐसे मामलों को लेकर उसके पास मौजूद दिशा-निर्देशों और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर जानकारी मांगी है। वहीं, मदुरंतकम और धारापुरम में उपचुनाव की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। मामले की आगे की सुनवाई 18 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष होने के लिए सूचीबद्ध की गई है।










