सोशल संवाद / जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के आदिम जनजाति की अच्छी-खासी संख्या वाले 559 गांवों में 17 अक्तूबर से आदि सेवा केन्द्र संचालित किये जाएंगे। इन केन्द्रों में विभागवार एक-एक सप्ताह के कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। 17 अक्तूबर से शुरू होकर ये कार्यक्रम 17 नवंबर तक चलेंगे।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदिम जनजातियों के विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं पहले से संचालित की जा रहीं हैं। अब इसी मंत्रालय के द्वारा सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जागरुकता कार्यक्रम एवं ग्रामीणों के लिए गतिविधियां आयोजित किए जाने की योजना है।
एक माह अर्थात चार सप्ताह चलने वाले कार्यक्रमों के तहत पहले सप्ताह में स्वास्थ्य व समाज कल्याण, दूसरे सप्ताह में पेयजल स्वच्छता, तीसरे सप्ताह में वित्तीय समावेशन और चौथे सप्ताह में शिक्षा एवं सामाजिक विकास को लेकर संबंधित विभागों के द्वारा शिविर लगाए जाएंगे।इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु प्रखंड स्तरीय नोड्ल के रूप में सभी बीडीओ को नामित किया गया है। जिलास्तरीय नोड्ल जिला कल्याण पदाधिकारी को नामित किया गया है।
बीडीओ को प्रतिदिन फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। समस्त कार्यक्रम के वरीय प्रभारी समेकित आदिवासी विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक सह डीडीसी नागेन्द्र पासवान होंगे।
स्वास्थ्य व पोषण सेवा
- सिकल सेल एनीमिया, टीबी, मलेरिया व स्थानीय बीमारियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
- आयुष्मान व अन्य सुविधाओं का फायदा दिलाया जाएगा।
- शिविर लगाकर जांच की जाएगी। मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर काउंसिलिंग की जाएगी।
- आंगनबाड़ी केन्द्रों व सहिया से मिलने वाली सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
जल और स्वच्छता सेवा
- साफ पीने के पानी, साफ-सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
- जल जीवन मिशन और जल संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। गांव या टोला को चिह्नित किया जाएगा।
- बैंक शिविर लगाएंगे, रोजगार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- ग्रामीणों को छात्रवृत्ति की जानकारी दी जाएगी।











