Dr Abhishek Child Care

आखिर क्यों महिलाओं के पेट में बातें नहीं पचती ? जानिए क्या है रहस्य

By admin

Published :

Follow
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं पचती है अक्सर आपने ये बात लोगों के मुंह से सुनी होगी. लोगों का मानना होता है कि महिलाएं पेट की कच्ची होती है और इनसे कोई बात नहीं छुपती है. कोई भी बात तो ये किसी न किसी को बता देती हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल में इसके पीछे पांडवों की माता कुंती को जिम्मेदार माना जाता है. ऐसा मानते हैं कि युधिष्ठिर के एक श्राप के कारण आज तक कोई स्त्री कोई बात अपने पेट में नहीं रख पाती है.

युधिष्ठिर ने संपूर्ण स्त्री जाति को दिया था श्राप-

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ तो कुंती ने युधिष्ठिर को बताया कि कर्ण तुम्हारा बड़ा भाई था. इसपर पांडवों को बहुत अफसोस हुआ. इसके बाद युधिष्ठिर ने विधिपूर्वक कर्ण का भी अंतिम संस्कार किया. कुंती द्वारा जब पांडवों को कर्ण के जन्म का रहस्य पता चला तो उन सब को बहुत दुख हुआ. युधिष्ठिर को अपनी मां से ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी. इसपर उन्हें बहुत गुस्सा आया. उन्होंने मां से कहा कि यदि वो पहले इस राज को बता देती तो शायद आज ऐसा नहीं होता. इसपर युधिष्ठिर को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने ने संपूर्ण स्त्री जाति को श्राप दिया कि आज से कोई भी स्त्री गुप्त बात छिपा कर नहीं रख पाएगी. तभी से महिलाओं के पेट में कोई बात नहीं पचती है.

जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल सोशल साइकोलॉजी ने अपने एक रिसर्च में इस बात का खुलासा किया था कि आखिर क्यों महिलाएं अपने पेट में बात को नहीं रख पाती हैं और इसे दूसरों तक पहुंचाती हैं. इस रिसर्च में पांच अलग-अलग स्टडीज की बात की गई थी. इस रिसर्च में बताया गया था कि महिलाएं गॉसिप को एक स्ट्रैटजी की इस्तेमाल करती हैं. ये अपना काम बनाने के लिए या किसी की इमेज को खराब करने के लिए ऐसा कर सकती हैं. स्टडी की मानें तो गॉसिप दो महिलाओं को करीब लाता है. किसी तीसरे की बुराई करने से दो लोगों का रिश्ता और मजबूत होता है. दो लोग मिलकर अगर किसी तीसरे की बुराई कर रहे हैं तो ये दोनों की बॉन्डिंग को मजबूत बनाता है.

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator
Exit mobile version