सोशल संवाद / डेस्क : मध्य पूर्व में जारी तनाव और बढ़ते वैश्विक तेल संकट के बीच Narendra Modi ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने आधिकारिक काफिले (Convoy) में करीब 50 प्रतिशत कटौती कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने ईंधन बचत और सादगी का संदेश देने के लिए यह फैसला लिया है।
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सूत्रों के अनुसार, हाल के दौरों में प्रधानमंत्री का काफिला पहले की तुलना में काफी छोटा नजर आया। बताया जा रहा है कि अब उनके काफिले में सीमित वाहन ही शामिल किए जा रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
दरअसल, ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका बढ़ गई है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से भी अपील की थी कि वे ईंधन की खपत कम करें, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाएं और गैर-जरूरी खर्चों से बचें। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम, कार पूलिंग और विदेशी यात्राओं में कमी जैसे सुझाव भी दिए थे।
प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद कई राज्यों में भी असर दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath समेत कई नेताओं ने भी अपने सरकारी काफिलों में कटौती करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल ईंधन बचत ही नहीं, बल्कि देश को आर्थिक संकट से बचाने के लिए प्रतीकात्मक संदेश भी है। लगातार बढ़ती तेल कीमतों और विदेशी मुद्रा पर दबाव के बीच सरकार सादगी और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर दे रही है।










