सोशल संवाद / जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि 27 जुलाई को आयोजित होने वाला धरना सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि नगर निगम प्रशासन के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम नियम-कानून के बजाय मनमानी से चलाया जा रहा है और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

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बिष्टुपुर स्थित अपने आवास पर धरना कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में सरयू राय ने कहा कि नगर निगम में प्रशासनिक व्यवस्था तक प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिकारी को उनके जूनियर अधिकारी के अधीन काम करने की स्थिति में रखा गया है, जो प्रशासनिक परंपराओं और सेवा नियमों के खिलाफ है। उनके अनुसार, इससे साफ होता है कि नगर निगम को व्यवस्थित ढंग से नहीं, बल्कि मनमाने तरीके से संचालित किया जा रहा है।
नालों की सफाई के दावों पर उठाए सवाल
सरयू राय ने डिमना रोड के नालों की सफाई को लेकर भी मेयर के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले डिमना रोड चौड़ीकरण के दौरान टाटा स्टील द्वारा दोनों ओर नालों का निर्माण कराया गया था। ऐसे में यह दावा कि इन नालों की पिछले 20 वर्षों से सफाई नहीं हुई, पूरी तरह तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावों का सोशल मीडिया पर भी मजाक उड़ाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नालों की सफाई केवल लगभग 10 प्रतिशत ही हुई, जबकि भुगतान पूरे कार्य का कर दिया गया। यदि ऐसा हुआ है तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है।
जनसुविधा और विकास कार्यों को अलग करने की मांग
विधायक ने सुझाव दिया कि नगर निगम के कार्यों को दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाना चाहिए जनसुविधा और विकास कार्य। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नगर विकास मंत्री से भी चर्चा की है। उनका कहना था कि जनसुविधा से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो, जबकि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर जनता को अधिक लाभ पहुंचाया जा सकता है।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर नियंत्रण के आरोप
सरयू राय ने आरोप लगाया कि नगर निगम का पूरा ध्यान विकास कार्यों की गुणवत्ता के बजाय योजनाओं के पैसे और ठेकेदारों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि अधिकारी और ठेकेदार दोनों उनके प्रभाव में रहें, जबकि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में किसी को मनमर्जी से लाभ नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी योजना में नियमों का उल्लंघन या अनियमितता सामने आती है तो विधानसभा में विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) सहित अन्य संवैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
27 जुलाई को गांधी मैदान में होगा धरना
जदयू और जन सुविधा समिति की ओर से 27 जुलाई को सुबह 10 बजे से मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने गांधी मैदान में धरना आयोजित किया जाएगा। बारिश को देखते हुए आयोजन स्थल पर वाटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों का दावा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल होंगे।
इन मुद्दों को लेकर होगा प्रदर्शन
धरने के दौरान मानगो नगर निगम क्षेत्र की कई प्रमुख समस्याओं को उठाया जाएगा, जिनमें शामिल हैं
- वर्षों से लंबित विकास योजनाओं का क्रियान्वयन
- जल निकासी व्यवस्था की बदहाली
- पेयजल संकट
- जर्जर सड़कें और नालियां
- विकास कार्यों में कथित अनियमितताएं
- 38 विकास योजनाएं अब तक अधूरी
जदयू का दावा है कि 29 दिसंबर 2025 को करीब ₹12 करोड़ 13 लाख की लागत वाली 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद इनका काम शुरू नहीं हो सका। पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर स्वीकृति और शिलान्यास के बाद भी परियोजनाएं धरातल पर क्यों नहीं उतरीं।
बाढ़ सुरक्षा और सड़क निर्माण योजनाओं पर भी सवाल
पार्टी ने उलीडीह, टैंक रोड, देशबंधु लाइन, रामकृष्ण कॉलोनी और कुक्कुट डुंगरी जैसे इलाकों में स्वीकृत बाढ़ सुरक्षा योजनाओं के लंबित रहने पर भी चिंता जताई। इसके अलावा पायल सिनेमा से पारडीह चौक तथा मानगो चौक से पारडीह चौक तक सड़क, नाली और स्लैब निर्माण से जुड़ी लगभग ₹6 करोड़ 73 लाख की स्वीकृत योजनाओं पर भी काम शुरू नहीं होने का आरोप लगाया गया।
बैठक में जदयू और जन सुविधा समिति के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और धरना कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।









