सोशल संवाद / डेस्क : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का प्रयास किया। केजरीवाल करीब 100 लोगों और 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षरों वाली याचिका के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद उन्होंने सड़क पर धरना देकर प्रधानमंत्री से मिलने की मांग की।
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केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को भी उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस के माध्यम से ही याचिका प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजी गई।
E20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका से इथेनॉल आयात करने के दबाव में देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि E20 नीति वापस नहीं ली गई तो देशभर में बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की माइलेज कम होती है और कुछ पुर्जों पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में इसे अनिवार्य बनाने की आवश्यकता क्या है।
ट्रंप और मोदी को लेकर दिया बयान
केजरीवाल ने अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेशी दबाव में फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देशहित में निर्णय लेना चाहिए और बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए। (यह बयान अरविंद केजरीवाल का है।)
पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव का दावा
AAP प्रमुख ने कहा कि पंजाब विधानसभा में E20 नीति वापस लेने के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी तरह के प्रस्ताव लाने की कोशिश करेगी।
संजय सिंह और मनीष सिसोदिया ने भी सरकार को घेरा
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि E20 नीति से देश के करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
वहीं, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोगों का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज घट रही है, इंजन पर असर पड़ रहा है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर लाखों लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका प्रधानमंत्री को सौंपी गई है।
याचिका में क्या मांग की गई? प्रधानमंत्री को भेजी गई याचिका में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गई हैं—
पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प दिया जाए।
E20 पेट्रोल की कीमत उसकी गुणवत्ता और माइलेज के अनुसार तय की जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार E20 नीति पर पुनर्विचार नहीं करती है तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर देशभर में अपना अभियान और आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी।
नोट: इस खबर में E20 पेट्रोल, केंद्र सरकार और अमेरिकी दबाव को लेकर किए गए आरोप एवं दावे अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बयान हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।









