सोशल संवाद /डेस्क : असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के हालात की उच्चस्तरीय समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 4.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हो गए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि अनेक परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना तथा स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। नावों और अन्य संसाधनों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित परिवारों तक खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता तथा अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
लगातार बारिश के कारण कई सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और यातायात बहाल करने के लिए भी तेजी से काम कर रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्थानीय अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं.









