Author: Muskan Thakur

  • देवघर बाबा मंदिर में मिला पाकिस्तानी नोट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच तेज

    देवघर बाबा मंदिर में मिला पाकिस्तानी नोट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच तेज

    सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के Deoghar स्थित प्रसिद्ध Baba Baidyanath Dham Temple में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। मंदिर की दानपेटियों को जब हाल ही में खोला गया, तो गिनती के दौरान भारतीय मुद्रा के साथ-साथ विदेशी करेंसी भी बरामद हुई। इनमें अमेरिकी डॉलर, यूरो और नेपाली रुपए के अलावा पहली बार पाकिस्तानी नोट भी मिलने से हड़कंप मच गया है।

    ये भी पढे : होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से नहीं जोड़ सकेंगे LPG चार्ज: सरकार बोली- ऐसा किया तो कार्रवाई होगी

    जानकारी के मुताबिक, बरामद पाकिस्तानी नोट की कीमत 100 रुपये बताई जा रही है। यह पहली बार है जब मंदिर की दानपेटी में पाकिस्तान की करेंसी मिली है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए अब पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है और पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि इससे पहले 9 जनवरी को दानपेटी खोली गई थी। इसके बाद से अब तक मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और दान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं किसी विदेशी या संदिग्ध व्यक्ति ने मंदिर में प्रवेश कर दान तो नहीं किया। हालांकि, यह भी संभावना जताई जा रही है कि कोई व्यक्ति विदेश यात्रा से लौटकर अपने पास मौजूद पाकिस्तानी नोट को दानपेटी में डाल गया हो।

    लेकिन चूंकि मामला पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है, इसलिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं। इस घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    गौरतलब है कि हाल ही में Ghaziabad से पकड़े गए संदिग्ध युवक और युवती के पास से बाबा मंदिर से जुड़े फोटो और वीडियो भी मिले थे। जांच में उनके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। ऐसे में इस नई घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।

    इतना ही नहीं, पहले भी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यहां श्रद्धालु अक्सर मोबाइल, बैग और अन्य सामान के साथ आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। मंदिर परिसर में कई बार बिना रोक-टोक के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी होती रहती है, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह यहां भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की जरूरत है। जैसे कि मेटल डिटेक्टर, बैग स्कैनिंग, और सख्त प्रवेश जांच। इसके अलावा मोबाइल और अन्य सामान पर भी नियंत्रण जरूरी है।

    देवघर बाबा मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी हो जाता है। फिलहाल, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।

  • होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से नहीं जोड़ सकेंगे LPG चार्ज: सरकार बोली- ऐसा किया तो कार्रवाई होगी

    होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से नहीं जोड़ सकेंगे LPG चार्ज: सरकार बोली- ऐसा किया तो कार्रवाई होगी

    सोशल संवाद/डेस्क : होटल-रेस्टोरेंट ग्राहकों से ‘LPG चार्ज’ नहीं ले सकेंगे। केंद्र सरकार ने कहा कि रेस्टोरेंट अपने बिल में खाने की कीमत के अलावा केवल सरकारी टैक्स जोड़ सकेंगे। LPG संकट के बीच सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने कहा कि होटल-रेस्टोरेंट को अपनी सभी इनपुट कॉस्ट को मेन्यू में दी गई कीमतों में ही शामिल करना होगा।

    ये भी पढे : मानगो की मेयर को दस व जुगसलाई की अध्यक्ष को मिलेगा सात हजार मानदेय

    अगर कोई रेस्टोरेंट गैस की बढ़ती कीमतों या किसी अन्य ऑपरेशनल खर्च का हवाला देकर बिल में अलग से चार्ज जोड़ता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

    कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला था

    बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ लगाया था। ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कुल कीमत 358 रुपए थी। कैफे ने ₹17.90 (5%) डिस्काउंट दिया, फिर GST के साथ 5% यानी ₹17.01 ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ जोड़ा। इससे कुल बिल ₹374 हो गया।

    सर्विस चार्ज पर लगी रोक को घुमाने की कोशिश

    CCPA जांच में पाया गया कि कई होटल-रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ रोक को बाईपास करने के लिए नए नाम से चार्ज ले रहे हैं। इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताते हुए अथॉरिटी ने सख्त निगरानी और कार्रवाई की बात कही।

  • मानगो की मेयर को दस व जुगसलाई की अध्यक्ष को मिलेगा सात हजार मानदेय

    मानगो की मेयर को दस व जुगसलाई की अध्यक्ष को मिलेगा सात हजार मानदेय

    सोशल संवाद/जमशेदपुर : मानगो नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर सुधा गुप्ता को 10 हजार, उपमहापौर राहुल कुमार कश्यप को 9 हजार और 34 वार्ड पार्षदों के लिए 7-7 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा. झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग के संकल्प (संख्या 2647-दिनांक 23 अक्तूबर 2009) के मुताबिक यह मानदेय तय किया गया है. हालांकि, फंड की उपलब्धता के बाद ही महापौर, उपमहापौर और पार्षदों को मासिक मानदेय मिल पायेगा. मानगो नगर निगम के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने पद व गोपनीयता की शपथ लेने के साथ ही कार्यभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करने के साथ ही उनके मानदेय की गणना शुरू हो गयी है, भुगतान अप्रैल 2026 से संभावित है.

    ये भी पढे : Ram Navami पर जमशेदपुर में सख्त ट्रैफिक प्लानः 27 से 29 मार्च तक भारी वाहनों पर रोक, रूट डायवर्ट

    जुगसलाई नप के पदाधिकारियों का भी मानदेय तयः

    जुगसलाई नगर परिषद में भी मानदेय का निर्धारण कर दिया गया है. अध्यक्ष नौशीन खान को 7 हजार, उपाध्यक्ष अर्चना दूबे को 6 हजार और सभी 22 वार्ड पार्षदों को 5-5 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा. निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को निकाय व अन्य जगहों में होने वाले बैठक की जानकारी निकाय प्रशासन द्वारा दी जायेगी. वहीं, जनप्रतिनिधियों के लिए निकायों में होने वाले तीन बैठक में अनुपस्थित रहने पर मानदेय देय नहीं होगा.

  • New Traffic Rules 2026 Implemented: 5 चालान पर लाइसेंस रद्द, अब नियम तोड़ना पड़ेगा भारी

    New Traffic Rules 2026 Implemented: 5 चालान पर लाइसेंस रद्द, अब नियम तोड़ना पड़ेगा भारी

    सोशल संवाद/डेस्क : देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 2026 में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य साफ है लोगों को जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना और सड़क हादसों में कमी लाना। अब Traffic नियमों की अनदेखी करना पहले से कहीं ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।

    ये भी पढे : Noida Hospital Licence Cancelled: 5 दिन की बच्ची को बेचने की कोशिश, बड़ा खुलासा

    नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर किसी वाहन चालक के एक साल के भीतर 5 या उससे ज्यादा चालान कटते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सीधे रद्द किया जा सकता है। पहले जहां लाइसेंस को कुछ समय के लिए निलंबित किया जाता था, वहीं अब बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब है कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भी अब बड़ी सजा में बदल सकती हैं।

    इसके अलावा, चालान भरने के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब किसी भी Traffic चालान को 45 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। अगर तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है। पहले कई लोग चालान को नजरअंदाज कर देते थे या लोक अदालत में राहत की उम्मीद रखते थे, लेकिन अब यह विकल्प भी सीमित हो गया है।

    नए नियमों में एक और अहम प्रावधान गाड़ियों के ब्लैकलिस्ट होने को लेकर है। अगर किसी वाहन पर बार-बार चालान पेंडिंग रहते हैं, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके बाद वाहन से जुड़े कई जरूरी काम जैसे ओनरशिप ट्रांसफर, एड्रेस अपडेट, फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट लेना मुश्किल हो जाएगा। यानी वाहन का इस्तेमाल सीमित हो सकता है और मालिक को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    इन बदलावों के साथ अब वाहन मालिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अगर आपकी गाड़ी से कोई दूसरा व्यक्ति Traffic नियम तोड़ता है, तो आपको यह साबित करना होगा कि गलती आपकी नहीं थी। साथ ही, यदि चालान पेंडिंग है, तो ट्रैफिक पुलिस वाहन को रोक सकती है और भुगतान होने तक उसे नहीं छोड़ा जाएगा।

    हालांकि, अगर किसी को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह कोर्ट में जाकर इसे चुनौती दे सकता है। यह विकल्प अब भी खुला है, लेकिन इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।

    कुल मिलाकर, ये नए नियम सिर्फ सख्ती बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए हैं। सरकार चाहती है कि लोग Traffic नियमों का पालन करें और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आए। अब समय आ गया है कि वाहन चालक नियमों को हल्के में लेने की बजाय जिम्मेदारी से ड्राइविंग करें। क्योंकि अब एक छोटी गलती भी आपके लाइसेंस और वाहन दोनों पर भारी पड़ सकती है।

  • कर्नाटक की नई डिजिटल पॉलिसी: 16 से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया बैन, स्क्रीन टाइम सीमित

    कर्नाटक की नई डिजिटल पॉलिसी: 16 से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया बैन, स्क्रीन टाइम सीमित

    सोशल संवाद/डेस्क : डिजिटल युग में बढ़ते स्क्रीन टाइम और इसके बच्चों पर पड़ रहे असर को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने छात्रों के बीच डिजिटल तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई डिजिटल पॉलिसी का मसौदा तैयार किया है, जिसमें कई सख्त और जरूरी प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    ये भी पढे : Indoor Air Pollution: घर की हवा बन रही ‘Silent Killer’, एक्सपर्ट्स ने बताया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी

    इस प्रस्तावित नीति के अनुसार, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। साथ ही, पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम को प्रतिदिन अधिकतम एक घंटे तक सीमित रखने का सुझाव दिया गया है। यह फैसला बच्चों में बढ़ती इंटरनेट लत और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में करीब 25% किशोर इंटरनेट की लत के लक्षण दिखा रहे हैं। इससे उनमें चिंता, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित डिजिटल उपयोग बच्चों के मानसिक विकास पर गंभीर असर डाल रहा है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

    इस नीति को तैयार करने में कर्नाटक राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान की अहम भूमिका रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में डिजिटल वेलनेस, भावनात्मक संतुलन और तकनीक के सही उपयोग को बढ़ावा देना है।

    पॉलिसी के तहत स्कूलों में “डिजिटल वेलनेस कमेटी” बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कमेटी छात्रों में तकनीक की लत के शुरुआती संकेतों की पहचान करेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें काउंसलिंग भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे छात्रों के डिजिटल व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ सकें और उसे नियंत्रित करने में मदद कर सकें।

    अभिभावकों की भूमिका को भी इस नीति में बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। उन्हें बच्चों के लिए एक संतुलित दिनचर्या बनाने, स्क्रीन टाइम सीमित करने और ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। साथ ही बच्चों को साइबरबुलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल शोषण के बारे में जागरूक करने के लिए भी गाइडलाइंस तैयार की जाएंगी।

    नीति में डिजिटल डिटॉक्स पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत शिक्षकों के लिए एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे, जहां उन्हें डिजिटल संतुलन और बच्चों को इससे दूर रखने के तरीके सिखाए जाएंगे।

    कुल मिलाकर, यह पहल छात्रों के लिए एक सुरक्षित, संतुलित और स्वस्थ डिजिटल वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि स्कूल, परिवार और प्रशासन मिलकर बच्चों को तकनीक के सही और सीमित उपयोग के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

  • KKR ने आंद्रे रसेल की जर्सी नंबर 12 की रिटायर, भावुक होकर बोले- दिल कोलकाता के लिए धड़कता

    KKR ने आंद्रे रसेल की जर्सी नंबर 12 की रिटायर, भावुक होकर बोले- दिल कोलकाता के लिए धड़कता

    सोशल संवाद/डेस्क : आईपीएल की दुनिया से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल को एक बेहद खास सम्मान दिया है। फ्रेंचाइजी ने रसेल की जर्सी नंबर 12 को आधिकारिक तौर पर रिटायर कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब भविष्य में कोई भी खिलाड़ी इस नंबर की जर्सी नहीं पहन सकेगा।

    ये भी पढे : RCB Tribute : 11 फैंस की याद में खास पहल, खिलाड़ी पहनेंगे नंबर 11 जर्सी और काली पट्टी

    यह ऐलान ‘नाइट्स अनप्लग्ड’ नाम के एक खास कार्यक्रम में किया गया, जहां टीम के खिलाड़ी, स्टाफ और हजारों फैंस मौजूद थे। इस दौरान केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने रसेल को उनकी जर्सी फ्रेम कर भेंट की और उनके योगदान को याद करते हुए यह बड़ी घोषणा की। इस सम्मान को पाकर रसेल काफी भावुक नजर आए और उनकी आंखों में अपने सफर की झलक साफ दिखाई दी।

    आंद्रे रसेल लंबे समय तक केकेआर का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अपने दमदार प्रदर्शन से टीम को कई यादगार जीत दिलाई और फैंस के दिलों में खास जगह बनाई। खास बात यह है कि रसेल 2014 और 2024 में केकेआर की खिताबी जीत का भी हिस्सा रहे, जो उनकी शानदार करियर का एक बड़ा पड़ाव रहा।

    पिछले साल आईपीएल से संन्यास लेने के बाद अब रसेल एक नई भूमिका में नजर आएंगे। वे टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन चुके हैं और ‘पावर कोच’ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इस नई शुरुआत को लेकर भी रसेल काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस भूमिका में आने का कोई अफसोस नहीं है, बल्कि वह अपने अनुभव से टीम के युवा खिलाड़ियों की मदद करना चाहते हैं।

    रसेल ने अपने करियर को याद करते हुए कहा, “मैंने हर मैच ऐसे खेला जैसे वह मेरा आखिरी मैच हो। मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं है कि मैंने क्रिकेट को अलविदा कहा, क्योंकि मैंने मैदान पर अपना सब कुछ दे दिया।” उनका यह बयान उनके समर्पण और खेल के प्रति जुनून को साफ दर्शाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि केकेआर के साथ उनका रिश्ता बेहद खास है। एक वीडियो में उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर वह आईपीएल खेलेंगे, तो सिर्फ कोलकाता के लिए ही खेलेंगे। उनका यह प्यार और लगाव ही आज उन्हें इस खास सम्मान तक लेकर आया है।

    टीम की बात करें तो इस बार भी केकेआर नई उम्मीदों के साथ मैदान में उतरेगी। टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में है, जबकि रिंकू सिंह को उपकप्तान बनाया गया है। इसके अलावा कोचिंग स्टाफ में अभिषेक नायर और शेन वॉटसन भी शामिल हैं।

    केकेआर अपने अभियान की शुरुआत 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में करेगी। पिछले सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, ऐसे में इस बार फैंस को नई लीडरशिप और कोचिंग सेटअप से काफी उम्मीदें हैं। रसेल को मिला यह सम्मान सिर्फ एक खिलाड़ी के लिए नहीं, बल्कि उनके योगदान, समर्पण और टीम के प्रति प्यार का प्रतीक है, जो हमेशा याद रखा जाएगा।

  • वृंदावन में पांडा बना भक्त, Premanand Maharaj की मुस्कान ने जीत लिया सबका दिल

    वृंदावन में पांडा बना भक्त, Premanand Maharaj की मुस्कान ने जीत लिया सबका दिल

    सोशल संवाद/डेस्क : वृंदावन की शांत और आध्यात्मिक फिज़ा में हाल ही में एक ऐसा अनोखा और दिल छू लेने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया। मशहूर संत Premanand Maharaj के साथ घटी यह घटना अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है और हर कोई इसे देखकर मुस्कुराने पर मजबूर हो रहा है।

    ये भी पढे : Jamshedpur News बहरागोड़ा में मिले द्वितीय विश्व युद्ध के दो शक्तिशाली बम, सेना ने किया सुरक्षित निष्क्रिय

    दरअसल, हुआ यूं कि एक व्यक्ति पांडा के पूरे कॉस्ट्यूम में तैयार होकर Premanand Maharaj के पास आ पहुंचा। जैसे ही वह उनके सामने पहुंचा, उसने पूरी श्रद्धा के साथ साष्टांग प्रणाम किया और फिर वहीं नाचने लगा। इस अनोखे अंदाज़ ने वहां मौजूद लोगों को हैरान भी किया और खुश भी। आमतौर पर जहां ऐसे धार्मिक माहौल में गंभीरता देखने को मिलती है, वहीं यह पल पूरी तरह अलग और बेहद खास बन गया।

    इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि खुद Premanand Maharaj इस दृश्य को देखकर मुस्कुराने लगे। उनके चेहरे की खुशी साफ झलक रही थी, मानो उन्हें इस सादगी और मासूमियत भरे भाव ने भीतर तक छू लिया हो। उनकी मुस्कान ने वहां मौजूद भक्तों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी दिल जीत लिया।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से Premanand Maharaj अपनी गिरती सेहत को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। इसके बावजूद वे अपनी दिनचर्या और आध्यात्मिक साधना को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। वे वृंदावन में रोजाना पदयात्रा भी करते हैं, जो उनके समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है। ऐसे में उन्हें इस तरह हंसते और खुश देखकर उनके अनुयायियों को भी बेहद सुकून मिला।

    इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। किसी ने इसे “सबसे क्यूट मोमेंट” बताया, तो किसी ने लिखा कि “सच्चे दिल से की गई भक्ति को भगवान भी ठुकरा नहीं सकते।” वहीं कई यूजर्स ने उस व्यक्ति की सादगी और भावनाओं की सराहना की, जिसने बिना किसी झिझक के अपने अनोखे अंदाज़ में श्रद्धा व्यक्त की।

    इतना ही नहीं, Premanand Maharaj के प्रति आम लोगों के साथ-साथ कई बड़ी हस्तियों की भी गहरी आस्था है। राज कुंद्रा, शिल्पा शेट्टी, बादशाह, हेमा मालिनी, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसी कई मशहूर हस्तियां भी उनसे मिलने वृंदावन पहुंच चुकी हैं।

    बताया जाता है कि Premanand Maharaj से व्यक्तिगत रूप से मिलना आसान नहीं है। वे रोजाना सीमित संख्या में ही लोगों से मिलते हैं, जिसके लिए कई बार लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में जो भी उनसे मिल पाता है, वह इसे अपने जीवन का खास अनुभव मानता है।

    यह वायरल वीडियो सिर्फ एक मजेदार घटना नहीं, बल्कि यह भी दिखाता है कि सच्ची भक्ति किसी रूप या तरीके की मोहताज नहीं होती। दिल से की गई श्रद्धा हर किसी तक पहुंचती है चाहे वह संत हों या आम इंसान।

  • रसोई गैस नियमों में बड़ा बदलाव, अब 35-45 दिन बाद ही मिलेगा अगला सिलिंडर

    रसोई गैस नियमों में बड़ा बदलाव, अब 35-45 दिन बाद ही मिलेगा अगला सिलिंडर

    सोशल संवाद/डेस्क : रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को अपनी मर्जी से गैस सिलिंडर नहीं मिल सकेगा, बल्कि तय समय सीमा के अनुसार ही अगली रिफिल उपलब्ध होगी।

    ये भी पढे : गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मामला: वाराणसी कोर्ट ने 14 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की

    नई व्यवस्था के तहत, जिन उपभोक्ताओं के पास डबल कनेक्शन है, उन्हें अब एक सिलिंडर की डिलीवरी के बाद अगले सिलिंडर के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है। यानी अब गैस की बुकिंग और डिलीवरी पूरी तरह समयबद्ध तरीके से होगी।

    सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य गैस सिलिंडर की जमाखोरी को रोकना और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अक्सर देखा गया है कि कुछ उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक कर लेते हैं, जिससे अन्य लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पाती। ऐसे में यह नया नियम संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।

    स्थानीय गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, उन्हें इस संबंध में निर्देश मिल चुके हैं और जल्द ही यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह नियम सिर्फ अनावश्यक स्टॉकिंग को रोकने के लिए बनाया गया है।

    इस बदलाव का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। कई गैस एजेंसियों में बुकिंग पैटर्न बदल गया है। कुछ जगहों पर उपभोक्ता पहले से ही सिलिंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बुकिंग की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर, पहले जहां एक एजेंसी में रोजाना करीब 2000 सिलिंडर की बुकिंग होती थी, अब यह घटकर 700-800 तक पहुंच गई है।

    प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे लोगों को नए नियमों की जानकारी मिलेगी, स्थिति सामान्य हो जाएगी। इसके साथ ही, सब्सिडी के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी और गैस की किल्लत जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार समय पर गैस की बुकिंग करें और अंतिम समय में परेशानी से बचें। आने वाले दिनों में यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी, जिससे गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी।

  • रेलवे का बड़ा फैसला: गोंदिया रूट पर 10 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को पहले से प्लान करना जरूरी

    रेलवे का बड़ा फैसला: गोंदिया रूट पर 10 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को पहले से प्लान करना जरूरी

    सोशल संवाद/डेस्क : ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का फैसला लिया है। यह कदम गोंदिया स्टेशन के पास चल रहे ट्रैक सुधार कार्य के कारण उठाया गया है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    ये भी पढे : प्रथम गोइलकेरा प्रखंड स्तरीय एकदिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ

    जानकारी के मुताबिक, यह काम 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान न सिर्फ कुछ ट्रेनें कैंसिल रहेंगी, बल्कि कई ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

    रेलवे द्वारा गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टिक ट्रैक बिछाया जा रहा है। इस नई तकनीक का उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना और सफर को अधिक सुरक्षित बनाना है। हालांकि, इस काम के चलते फिलहाल यात्रियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

    करीब 20 दिनों तक इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को अपने प्लान में बदलाव करना पड़ सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अपग्रेडेशन भविष्य में बेहतर और समय पर ट्रेन संचालन के लिए जरूरी है। इसलिए यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन या दूसरे रूट का विकल्प भी तैयार रखना चाहिए।

    कैंसिल की गई ट्रेनों में कई प्रमुख रूट शामिल हैं। इनमें शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। ये सभी ट्रेनें 5 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी।

    रेलवे का यह भी कहना है कि इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार लंबे समय में यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। इससे ट्रेनों की लेट-लतीफी कम होगी और यात्रा ज्यादा आरामदायक बनेगी।

    फिलहाल, अगर आप इस रूट पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो बिना जानकारी के स्टेशन पहुंचने से बचें। ऑनलाइन या रेलवे हेल्पलाइन के जरिए अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। सही योजना और जानकारी के साथ ही आप इस असुविधा से बच सकते हैं।

  • प्रथम गोइलकेरा प्रखंड स्तरीय एकदिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ

    प्रथम गोइलकेरा प्रखंड स्तरीय एकदिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ

    सोशल संवाद/गाेइलकेरा : गोइलकेरा के हाईस्कूल मैदान में एक दिवसीय प्रथम प्रखंड स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगत माझी, प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक कुमार, थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा, झामुमो जिला उपाध्यक्ष अध्यक्ष अकबर खान, झामुमो क्रीड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष कश्मीर कान्डेयांग, झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष गणेश बोदरा एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला ओलंपिक व एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव अजय नायक, गोइलकेरा प्रखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिल खान उर्फ प्रिंस खान ने संयुक्त रूप से झंडा दिखाकर किया।

    ये भी पढे : टैक्स, अनुदान और ऋण से भरेगा सरकारी खजाना

    उपस्थित अतिथियों का स्वागत संबोधन जहां गोइलकेरा एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव संजीव कुमार बाहंदा ने किया। वहीं एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों के द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विधायक जगत माझी ने अपने संबोधन में एसोसिएशन के कार्यों की जमकर सराहना की और कहा कि आने वाले समय में जिले के हर प्रखंड में प्रखंड स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित कराने में जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन को सहयोग करेंगे ताकि खिलाड़ी छनकर निकलें और जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाकर जिला का नाम रौशन कर सकें।

    किसी भी क्षेत्र के खिलाड़ियों को यथासंभव सहयोग करते रहने और खेल से संबंधित हर मुद्दा के लिए विधानसभा में खिलाड़ियों का आवाज बनने की बात भी कही। भविष्य में राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता भी गोइलकेरा प्रखंड में कराने की उन्होंने घोषणा की। विधायक ने कहा क्षेत्र की प्रतिभा को तराशने के लिए केवल गोईलकेरा ही नहीं, बल्कि पूरे मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह की खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

    हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को एक सुनहरा अवसर और बेहतर मंच मिले, ताकि वे अपनी प्रतिभा के दम पर न केवल राज्य, बल्कि देश का नाम भी रोशन कर सकें। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ऐसे ही छोटे छोटे क्षेत्र से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पैदा होते हैं।

    जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव अजय नायक एवं वरीय संयुक्त सचिव कश्मीर कान्डेयांग ने संयुक्त रूप से पश्चिमी सिंहभूम जिला में आवासीय एवं डे बोर्डिंग क्रीड़ा प्रशिक्षण केन्द्रों को खोलने पर जोर देते हुए विधानसभा में आवाज उठाने हेतु धन्यवाद स्वरूप विधायक को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में 153 खिलाड़ियों ने भाग लिया। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।