Author: Muskan Thakur

  • देशभर में बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 1100 ईमेल भेजकर मचाई थी दहशत

    देशभर में बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 1100 ईमेल भेजकर मचाई थी दहशत

    सोशल संवाद/डेस्क : देशभर की अदालतों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए Delhi Police ने कर्नाटक के Mysuru से 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुइस को हिरासत में लिया है। आरोपी लंबे समय से ईमेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

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    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने देश के विभिन्न राज्यों में स्थित हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट और कई सरकारी संस्थानों को निशाना बनाते हुए 1100 से अधिक फर्जी धमकी भरे ईमेल भेजे थे। इन धमकियों के कारण कई जगहों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहना पड़ा और बार-बार जांच अभियान चलाने पड़े। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव पड़ा, बल्कि आम लोगों में भी डर का माहौल बन गया।

    लगातार मिल रही धमकियों के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से ईमेल ट्रेसिंग, डिजिटल फुटप्रिंट और लोकेशन ट्रैकिंग जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन कर्नाटक के मैसूर में ट्रेस हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी मैसूर में एक किराए के मकान में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल वह धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए करता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए विस्तृत मेडिकल जांच कराई जाएगी।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और जांच के लिए दिल्ली लाया जाएगा। इस मामले में कई राज्यों में पहले से केस दर्ज हैं, जिन्हें अब एक साथ जोड़कर व्यापक जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अकेले ही यह सब किया या इसके पीछे किसी और की भी भूमिका है।

    इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा और डिजिटल निगरानी की अहमियत को उजागर किया है। जिस तरह से आरोपी ने केवल ईमेल के माध्यम से देशभर में दहशत फैलाने की कोशिश की, वह चिंता का विषय है। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता के चलते आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे किसी बड़े खतरे को टाला जा सका।

    कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक जहां अपराध को आसान बना रही है, वहीं जांच एजेंसियां भी उससे निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

  • जनगणना 2027 में बड़ा बदलाव, लिव-इन कपल भी स्थिर रिश्ते में माने जाएंगे विवाहित

    जनगणना 2027 में बड़ा बदलाव, लिव-इन कपल भी स्थिर रिश्ते में माने जाएंगे विवाहित

    सोशल संवाद/डेस्क : देश में बदलती सामाजिक सोच के बीच आने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को भी खास परिस्थितियों में विवाहित यानी ‘मैरिड’ माना जाएगा। यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं, बल्कि समाज में रिश्तों को लेकर बदलती मानसिकता का भी संकेत देता है।

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    नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई कपल खुद को एक ‘स्थिर संबंध’ में मानता है, तो जनगणना के दौरान उन्हें विवाहित की श्रेणी में गिना जाएगा। खास बात यह है कि इसके लिए किसी कानूनी प्रमाण या दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को उसके ‘ज्ञान और विश्वास’ के आधार पर दर्ज किया जाएगा।

    इस फैसले ने जहां एक ओर कई लोगों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर बहस भी छेड़ दी है। लंबे समय से साथ रह रहे लिव-इन कपल्स को अक्सर सामाजिक और प्रशासनिक मान्यता नहीं मिल पाती थी, जिससे वे कई सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। ऐसे में यह नया नियम उनके लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    हालांकि, इस बदलाव के साथ कई सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल ‘स्थिर संबंध’ की परिभाषा को लेकर है। आखिर किस आधार पर यह तय किया जाएगा कि कोई रिश्ता स्थिर है या नहीं? क्या इस नियम का दुरुपयोग हो सकता है? ऐसे कई मुद्दों पर विशेषज्ञों और आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

    सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले भी अगर अविवाहित कपल्स खुद को विवाहित बताते थे, तो उनकी जानकारी उसी आधार पर दर्ज की जाती थी। लेकिन अब इसे अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में शामिल किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण और अधिक सटीक हो सके।

    जनगणना 2027 की प्रक्रिया को भी इस बार आधुनिक और डिजिटल बनाया जा रहा है। इसमें 45 दिनों का हाउस लिस्टिंग फेज होगा, जिसमें पहले 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए होंगे। इस दौरान लोग खुद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद अगले 30 दिनों में एन्यूमरेटर द्वारा डेटा का सत्यापन किया जाएगा।

    इस प्रक्रिया की शुरुआत 1 अप्रैल से दिल्ली के NDMC क्षेत्र से की जाएगी। इसमें कोई भी जिम्मेदार वयस्क OTP के जरिए लॉग इन कर अपने घर के सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकेगा। साथ ही, यह सुविधा 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और घर की लोकेशन को जियो-टैग करना भी जरूरी होगा।

    कुल मिलाकर, यह बदलाव न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार अब लोगों की व्यक्तिगत जीवनशैली और रिश्तों को लेकर अधिक संवेदनशील हो रही है। हालांकि, इसके प्रभाव और स्वीकार्यता का असली आकलन आने वाले समय में ही हो पाएगा।

  • रांची में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने ली दो चचेरे भाइयों की जान

    रांची में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने ली दो चचेरे भाइयों की जान

    सोशल संवाद/डेस्क : रांची जिले से रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में दोनों चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

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    हादसा कैसे हुआ

    मिली जानकारी के अनुसार, अनगड़ा थाना क्षेत्र के चमघाटी के पास नवाडीह निवासी प्रभात महतो और अनिल महतो बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    ब्रेक फेल बना हादसे की वजह

    स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, ट्रक काफी तेज गति में था और उसका ब्रेक फेल हो गया था। चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद यह भीषण दुर्घटना हुई। हादसे के बाद ट्रक सड़क से नीचे जा गिरा और उसका एक पहिया अलग होकर दूर जा पहुंचा।

    पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही अनगड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    डीएसपी सिल्ली अनुज ने बताया कि दुर्घटना अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    गांव में मातम का माहौल

    हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। हर तरफ गमगीन माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं।

  • राजधानी के चर्चित रेस्तरां में देर रात पुलिस ने मारा छापा

    राजधानी के चर्चित रेस्तरां में देर रात पुलिस ने मारा छापा

    सोशल संवाद/राँची: राजधानी रांची के रातू रोड स्थित Mall of Ranchi में मौजूद चर्चित रेस्टोरेंट Lord of the Drinks (LOD) में देर रात पुलिस ने छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया।

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    जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर की गई। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि रेस्टोरेंट में नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब के साथ-साथ ड्रग्स की भी बिक्री की जा रही है। साथ ही युवक-युवतियों द्वारा बड़े पैमाने पर ड्रग्स सेवन की भी सूचना थी।

    इसके अलावा, झारखंड हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की भी शिकायत मिली थी। सूचना के आधार पर एसएसपी ने सिटी एसपी पारस राणा को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय और सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में कोतवाली और सुखदेवनगर थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी की फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • युवाओं के लिए अच्छी खबर:अप्रैल में राज्य सिविल सेवा सहित 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षा लेगा जेपीएससी-जेएसएससी

    युवाओं के लिए अच्छी खबर:अप्रैल में राज्य सिविल सेवा सहित 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षा लेगा जेपीएससी-जेएसएससी

    सोशल संवाद/रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अप्रैल में कुल 808 पदों के लिए पांच नियुक्ति परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने इन परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। इनमें प्रशासनिक सेवा से लेकर सिपाही तक के पद शामिल हैं। इन परीक्षाओं में तीन लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें सबसे ज्यादा 583 पद उत्पाद सिपाही के हैं, जिसमें 1.48 लाख से अधिक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बैठेंगे। यह परीक्षा जेएसएससी लेगा।

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    जानिए कौन सी परीक्षा कब होगी

    1. राज्य सिविल सेवा परीक्षा
      परीक्षा तिथि: 12 अप्रैल
      पद संख्या: 103पहली सिविल सेवा के बाद अब तक का सबसे कम पद
    2. असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट
      तिथि: 4 से 12 अप्रैल तक
      पद संख्या: 78
      परीक्षा का नाम: मुख्य परीक्षा
      पीटी पास: 1110 अभ्यर्थी
    3. झारखंड उत्पाद सिपाही
      परीक्षा तिथि: 12 अप्रैल
      पद संख्या: 583
      परीक्षा: लिखित
      अभ्यर्थियों की कुल संख्या: 1.48 लाख
    4. प्रोजेक्ट मैनेजर
      परीक्षा तिथि:18-19 अप्रैल
      पद संख्या: 30
      परीक्षा: लिखित
      तिथि: 18–19 अप्रैल
    5. फैक्ट्री इंस्पेक्टर
      परीक्षा तिथि: 25-26 अप्रैल
      पद संख्या: 14 {परीक्षा:लिखित
  • चिन्नास्वामी स्टेडियम की 11 सीटें हमेशा रहेंगी खाली, RCB ने फैंस को दी भावुक श्रद्धांजलि

    चिन्नास्वामी स्टेडियम की 11 सीटें हमेशा रहेंगी खाली, RCB ने फैंस को दी भावुक श्रद्धांजलि

    सोशल संवाद/डेस्क : बेंगलुरु स्थित M. Chinnaswamy Stadium एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह बेहद भावुक करने वाली है। पिछले साल Indian Premier League के दौरान Royal Challengers Bangalore की ऐतिहासिक जीत के जश्न के बीच हुई भगदड़ में 11 युवा प्रशंसकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और आज भी उस घटना की यादें लोगों के दिलों में ताजा हैं।

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    अब उन दिवंगत प्रशंसकों को सम्मान देने के लिए आरसीबी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने एक अनोखा और भावुक फैसला लिया है। स्टेडियम के प्रीमियम स्टैंड में 11 सीटों को हमेशा के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इन सीटों को किसी भी मैच के दौरान चाहे वह आईपीएल हो या अंतरराष्ट्रीय मुकाबला कभी बेचा नहीं जाएगा। यह कदम उन फैंस के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जो अपनी पसंदीदा टीम की जीत का जश्न मनाने आए थे, लेकिन कभी घर वापस नहीं लौट सके।

    इतना ही नहीं, हर मैच से पहले इन 11 प्रशंसकों के नाम स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे और खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शक भी एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। यह परंपरा आने वाले हर मैच में निभाई जाएगी, ताकि उनकी याद हमेशा जीवित रहे।

    इसके अलावा, स्टेडियम के प्रवेश द्वार के पास एक स्मारक पट्टिका भी स्थापित की जा रही है। यह स्मारक इंग्लैंड के एनफील्ड स्टेडियम में बने प्रसिद्ध हिल्सबोरो मेमोरियल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जो वहां हुए हादसे में मारे गए लोगों की याद को संजोए हुए है। उसी तरह, चिन्नास्वामी स्टेडियम का यह स्मारक भी आने वाली पीढ़ियों को उस दुखद घटना की याद दिलाता रहेगा।

    इस फैसले के पीछे सिर्फ श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि एक संदेश भी छिपा है कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं और रिश्तों का संगम है। क्रिकेट और उसके फैंस के बीच जो रिश्ता होता है, वह बेहद खास और अटूट होता है।

    गौरतलब है कि आरसीबी इस बार भी अपने अभियान की शुरुआत इसी मैदान से करने जा रही है, जहां 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच से पहले ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    हालांकि इस बीच टीम से जुड़ी एक और खबर सामने आई है कि खिलाड़ी यश दयाल निजी कारणों से इस सीजन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम प्रबंधन ने उनके प्रति समर्थन जताया है और उन्हें अनुबंध में बनाए रखा है। कुल मिलाकर, चिन्नास्वामी स्टेडियम में लिया गया यह फैसला सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि उन 11 जिंदगियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जो हमेशा के लिए क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धर्म को श्रेष्ठ बताना अपमान, याचिका खारिज

    इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धर्म को श्रेष्ठ बताना अपमान, याचिका खारिज

    सोशल संवाद/डेस्क : प्रयागराज स्थित Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में धर्म और अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने धर्म को ही एकमात्र सत्य बताना न केवल गलत है, बल्कि यह अन्य धर्मों के अनुयायियों के प्रति अपमानजनक भी माना जा सकता है।

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    यह टिप्पणी न्यायमूर्ति Saurabh Srivastava की एकल पीठ ने उस समय की, जब उन्होंने एक याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका रेवरेंड फादर विनीत विंसेंट परेरा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

    मामला उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से जुड़ा है, जहां याची के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने अपने धर्म को ही सर्वोच्च बताते हुए अन्य धर्मों, विशेषकर हिंदू धर्म के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस पर पुलिस ने उनके खिलाफ IPC Section 295A के तहत मामला दर्ज किया था, जो किसी धर्म या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है।

    याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। उनके वकील ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट ने बिना पर्याप्त जांच और न्यायिक विवेक के मामले का संज्ञान लिया। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि उनके बयान से किसी भी तरह का आपराधिक अपराध नहीं बनता।

    हालांकि, राज्य सरकार ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि मामले में कई तथ्यात्मक विवाद हैं, जिनका समाधान केवल विस्तृत साक्ष्य और सुनवाई के बाद ही संभव है। सरकार का पक्ष था कि प्रारंभिक स्तर पर यह स्पष्ट है कि मामला जांच और ट्रायल के योग्य है।

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि IPC Section 295A विशेष रूप से उन मामलों पर लागू होती है, जहां किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी धर्म या उसके अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जाती है। इस स्तर पर अदालत को केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं, न कि साक्ष्यों की गहराई में जाकर जांच करना।

    इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की विविधता और धार्मिक सहिष्णुता को बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी एक धर्म को सर्वोच्च बताकर अन्य धर्मों को कमतर दिखाना समाज में विभाजन और तनाव पैदा कर सकता है।

    अदालत के इस फैसले को धार्मिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह निर्णय यह संदेश देता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ दूसरों की आस्था का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। अब यह मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा, जहां साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं, इस फैसले के बाद देशभर में धर्म और अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है।

  • बोलानी के डी ए भी विद्यालय प्रथम वार्षिकोत्सव  “नवोत्सव”हर्षोल्लास पूर्वक संपंन्न

    बोलानी के डी ए भी विद्यालय प्रथम वार्षिकोत्सव “नवोत्सव”हर्षोल्लास पूर्वक संपंन्न

    सोशल संवाद/बड़बिल(ओडिशा): बड़बिल तहसील क्षेत्र के बोलानी टाउनशिप स्थित डी ए भी विद्यालय का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “नवोत्सव ” बीते बुद्ववार को जेएनआरसी के प्रागंण मे संपन्न हुई।कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे बोलानी सेल के सीजीएम मल्ला श्रीनिवासु उपस्थित हुऐ।अतिथि के रूप मे बोलानी महिला समिति अध्यक्षा -उषा मल्ला उपस्थित रही।विषिष्ट अतिथि के रूप मे बोलानी सेल के विभिन्न विभाग अधिकारी राहुल राज मंडल(प्रोजेक्ट),संजीव कुमार(सिविल),गोपी वल्लभ कर(एच आर),आदि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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    कार्यक्रम के आरंभ मे आमंत्रित अतिथियों के हाथो दीप प्रज्वलित किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के प्राधानाचार्य प्रभाकर मोहंती ने विद्यालय का वार्षिक रिपोर्ट की प्रस्तुति की।कार्यक्रम मे विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा नृत्य संगीत, नाटक की प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर बीते वर्ष विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा पढ़ाई, खेल सहित अन्य क्रिया कलापो मे बेहतर प्रर्दशन करने वाले छात्रो को आमंत्रित अतिथि के हाथो सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सफलतापूर्वक संचालन के लिए विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने अहम भूमिका निभाई।

  • ‘खाना दिल से’ AI फूड शो: भारतीय स्वाद और तकनीक का अनोखा संगम

    ‘खाना दिल से’ AI फूड शो: भारतीय स्वाद और तकनीक का अनोखा संगम

    सोशल संवाद/डेस्क : भारतीय टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में एक नया और अनोखा प्रयोग सामने आया है। मशहूर फिल्म निर्माता Hansal Mehta अपने नए प्रोजेक्ट Khanna Dil Se के साथ एक बार फिर चर्चा में हैं। यह शो भारत का पहला AI-संचालित फूड शो बताया जा रहा है, जो पारंपरिक कुकिंग शोज से बिल्कुल अलग अनुभव देने वाला है।

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    ‘खाना दिल से’ सिर्फ एक कुकिंग शो नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध पाक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की एक गहरी यात्रा है। इस शो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI का इस्तेमाल केवल विजुअल इफेक्ट्स के लिए नहीं, बल्कि कहानी कहने के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में किया गया है। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद उन व्यंजनों और परंपराओं को सामने लाना है, जो अब तक अनकही या अनदेखी रह गई हैं।

    इस प्रोजेक्ट को कलेक्टिव स्टूडियोज और True Story Films के सहयोग से तैयार किया गया है। शो में मशहूर शेफ Shamsher Ahmed भी जुड़े हैं, जो इसमें पाक कला विशेषज्ञ के रूप में नजर आएंगे और दर्शकों को व्यंजनों के पीछे की असली कहानियों से रूबरू कराएंगे।

    हंसल मेहता के लिए यह शो खास इसलिए भी है क्योंकि यह उन्हें उनके शुरुआती दिनों की याद दिलाता है। 90 के दशक में उन्होंने Khana Khazana जैसे लोकप्रिय कुकिंग शो की शुरुआत की थी, जिसने भारतीय टेलीविजन पर फूड कंटेंट की दिशा बदल दी थी और शेफ संजीव कपूर को घर-घर में पहचान दिलाई थी। अब करीब तीन दशक बाद, मेहता एक बार फिर उसी विषय पर लौटे हैं, लेकिन इस बार तकनीक के नए रूप AI के साथ।

    इस शो का कॉन्सेप्ट बेहद दिलचस्प है। ‘खाना दिल से’ भारत की रसोई के जरिए देश की संस्कृति, इतिहास, प्रवास और पहचान की कहानियों को सामने लाता है। हर एपिसोड में एक नई रेसिपी के साथ उससे जुड़ी यादें, परंपराएं और इंसानी भावनाएं दिखाई जाएंगी। यह दिखाने की कोशिश की जाएगी कि खाना सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि एक जीवित विरासत है जो पीढ़ियों से आगे बढ़ती आई है।

    निर्माता साहिल सैगल के अनुसार, इस शो के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि अगर AI को फूड टेलीविजन का हिस्सा बनाया जाए, तो कहानी कहने का तरीका कितना बदल सकता है। उनका मानना है कि AI इंसानी भावनाओं को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि उन्हें और गहराई से समझने में मदद करेगा।

    वहीं, कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क के सीईओ विजय सुब्रमण्यम का कहना है कि भारत की पाक परंपराएं दुनिया की सबसे समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों में से एक हैं, लेकिन इनमें से कई कहानियां अब भी अनकही हैं। ‘खाना दिल से’ उन कहानियों को नए अंदाज में सामने लाने की एक कोशिश है।

    कुल मिलाकर, ‘खाना दिल से’ एक ऐसा शो है जो तकनीक और परंपरा को एक साथ जोड़ते हुए दर्शकों को एक नया अनुभव देने का वादा करता है। यह न सिर्फ खाने को, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और इतिहास को भी एक नई नजर से देखने का मौका देगा।

  • धनबाद कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, तीसरी बार अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    धनबाद कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, तीसरी बार अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के Dhanbad में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। Dhanbad Civil Court को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह लगातार तीसरी बार है जब कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

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    मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट को यह धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई। जैसे ही यह सूचना प्रशासन तक पहुंची, तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। जज, वकील और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घटना के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कड़ा कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और हर प्रवेश द्वार पर सख्त जांच की जा रही है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने कोर्ट परिसर के हर हिस्से में गहन तलाशी अभियान चलाया। हर कोने और संदिग्ध वस्तु की बारीकी से जांच की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह का विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है।

    पूरे घटनाक्रम पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

    धमकी भरे ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। तकनीकी टीम डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    इस घटना के बाद सिर्फ कोर्ट परिसर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें और अफवाहों से दूर रहें।

    गौरतलब है कि इससे पहले उसी दिन Sahibganj के सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस मामले में भी प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

    हालांकि फिलहाल किसी भी प्रकार के विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रहा है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों पर टिकी है कि आखिर इन धमकियों के पीछे कौन है और इसका मकसद क्या है।