सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने 9 किमी लंबी बुराड़ी सड़क के निर्माण में हो रही देरी पर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार को आड़े हाथ लिया है। ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बुराड़ी की बदहाली के लिए सिर्फ भाजपा सरकार जिम्मेदार है। 9 किमी लंबी बुराड़ी सड़क को बनाने में 100 करोड़ रुपए का खर्च आना है, जो विधायक निधि के 5 करोड़ रुपए से बनना असंभव है।

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उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक संजीव झा 100 करोड़ नहीं दे सकते, क्योंकि उन्हें पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए हर साल 5 करोड़ रुपए का ही फंड मिलता है। दशकों से, पीडब्ल्यूडी की सड़कें सिर्फ़ दिल्ली सरकार ही बनाती और उनकी मरम्मत करती आ रही है। यह सरकार की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है।
उधर, एक्स पर एक वीडियो जारी कर बुराड़ी से ‘‘आप’’ विधायक संजीव झा ने कहा कि बुराड़ी के 100 फुटा रोड की बदहाली के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले यहां सीवर का काम चल रहा था और समय पर सड़क नहीं बन पाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं और क्षेत्र के साथ-साथ बाहर के लोग भी इस सड़क के निर्माण में हो रही देरी का कारण पूछ रहे हैं।
संजीव झा ने बताया कि “आप” सरकार के दौरान पिछले 10 वर्षों में पूरे विधानसभा क्षेत्र में हजारों गलियां और सड़कें बनाई गईं। जिन कॉलोनियों में बिजली की लाइन तक नहीं थी, वहां पानी, गलियां, सड़कें, सीवर और गैस लाइन जैसी सुविधाएं पहुंचाई गईं, जो पहले असंभव सा लगता था। इन विकास कार्यों के कारण आज उन कॉलोनियों में संपत्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में लोगों का यह सोचना लाजमी है कि जब 10 साल में इतने काम कराए गए, तो आखिर यह सड़क क्यों नहीं बन पा रही है? इसकी पूरी जानकारी और चुनौतियां जनता के सामने रखी जानी चाहिए ताकि सच पता चल सके।
संजीव झा ने कहा कि बीते दिनों सड़क को लेकर जो प्रदर्शन हुआ और विधायक का इस्तीफा मांगा गया, वह राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित था और इसके पीछे कोई अच्छी मंशा नहीं थी। यह सड़क लगभग 9 किमी लंबा पैच है, जो बुराड़ी बाईपास से लेकर हिरनकी तक जाता है। इसका काम दो चरणों में होना था। पहले चरण का काम जून-जुलाई 2023 में शुरू होकर 2024 के अक्टूबर में पूरा किया गया। नवंबर में लेबर चौक से लेकर बुराड़ी बाईपास तक की सड़कें बना दी गई थीं। इसके बाद फरवरी में चुनाव हुए और सरकार बदलने के कारण दो-तीन महीने काम बंद रहा। लेबर चौक से आगे दूसरे चरण का काम शुरू होने में कई चुनौतियां आईं और सरकार बदलने के साथ ही प्राथमिकताएं भी बदल गईं, जिसका खामियाजा बुराड़ी सहित पूरी दिल्ली के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
संजीव झा ने बताया कि दूसरे चरण का काम फरवरी के अंत या मार्च में शुरू हुआ और पिछले 20 महीने से यह काम टलता आ रहा है। सदन में सवाल उठाने के साथ-साथ मंत्रियों, सचिवों और एलजी सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार पत्र लिखे गए, लेकिन काम की जो गति और प्राथमिकता होनी चाहिए थी, वह नहीं दिखी।
सड़क निर्माण में विधायक का अधिकार केवल 5 करोड़ रुपए के फंड तक सीमित है, जिसे पूरे विधानसभा क्षेत्र में खर्च किया जा सकता है। लेकिन इस सड़क के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपए का खर्च आना है, जो पीडब्ल्यूडी और दिल्ली सरकार को करना है। भाजपा सरकार के पास प्राथमिकता न होने के कारण नीतियां समय पर लागू नहीं हो पा रही हैं और काम में भारी देरी हो रही है।
संजीव झा ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की इस सड़क के दोनों तरफ नाले हैं और सीवर बिछाने के दौरान ये नाले पूरी तरह ब्लॉक हो गए थे। पहले अप्रैल में ही नालों की गाद निकालने का टेंडर हो जाता था, ताकि मानसून में जलभराव न हो। लेकिन इस बार लगातार पत्राचार और अधिकारियों के साथ बैठकों के बावजूद नालों की सफाई का टेंडर 14-15 जुलाई को हुआ, जब मानसून की दो बारिश हो चुकी थी। पंप का टेंडर भी जुलाई में हुआ। टेंडर में हुई इस देरी के कारण सड़क की हालत पहले से ही खराब थी और नालों के जाम होने से जलभराव की समस्या ने परेशानी को और बढ़ा दिया। यह स्थिति केवल बुराड़ी की नहीं है, बल्कि बादली के स्वरूप नगर रोड, तिमारपुर और संगम विहार की सड़कों और नालों का भी यही हाल है। भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं अलग होने के कारण पूरी दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संजीव झा ने बताया कि जल बोर्ड और पीडब्ल्यूडी के साथ लगातार बैठकें करने के बाद सड़क के गड्ढे भरने और मजबूती के लिए 3 करोड़ रुपए का एक टेंडर हुआ। इस पर काम शुरू ही हुआ था कि बारिश शुरू हो गई, जिससे सारा काम धुल गया और निर्माण कार्य वहीं रुक गया। लोगों में बहुत गुस्सा है और दिल्ली की मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री को इस गुस्से को समझना चाहिए।
अब लड़-झगड़ कर नालों की सफाई का टेंडर कराया गया है और सड़क की मजबूती के लिए एक टेंडर हो चुका है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही दूसरा टेंडर भी कर दिया जाएगा। जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें विधायक के बजाय सरकार के खिलाफ लड़ना चाहिए। सड़क निर्माण के लिए 100 करोड़ का फंड दिल्ली सरकार के पास है, इसलिए दबाव सरकार पर बनाना होगा और मैं इस लड़ाई में पूरी तरह से जनता के साथ खड़ा हूं।
संजीव झा ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बहुत जल्द बिटुमिनस और अन्य कार्यों का टेंडर कर दिया जाएगा और दो से तीन महीने में सड़क बन जाएगी। अगर तीन महीने में सड़क का काम पूरा नहीं हुआ, तो पूरी विधानसभा की जनता दिल्ली की मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के घर के सामने होगी। एक जनप्रतिनिधि के नाते मैं जनता को आश्वस्त करता हूं कि इस सड़क के निर्माण के लिए जिस स्तर तक जाकर लड़ना पड़ेगा, हम लड़ेंगे और हर हाल में इस काम को पूरा कराएंगे।









