Bokaro News: चक्रवात अर्नब से धान की फसल पर खतरा, बेरमो के किसान परेशान

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Cyclone Arnab Paddy Crop Damage

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के बोकारो जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से भारी बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेरमो और नावाडीह क्षेत्र के खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो रही है। कई किसान दीपावली के बाद धान की कटाई शुरू करने की तैयारी में हैं। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

यह भी पढ़े : Noel Tata Retirement: टाटा की 6 कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे नोएल टाटा, जानें वजह

किसानों को डर है कि अगर तेज हवा के साथ लगातार बारिश हुई, तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे न केवल कटाई प्रभावित होगी, बल्कि धान की गुणवत्ता और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

बेरमो में तैयार धान की फसल पर मंडराया खतरा

बेरमो अनुमंडल के कई इलाकों में धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है। किसानों ने महीनों की मेहनत और लागत लगाकर खेती की है। अब जब फसल काटने का समय नजदीक आया है, तो संभावित बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

किसानों के मुताबिक, इस समय धान की फसल के लिए मौसम साफ रहना जरूरी है। अगर लगातार बारिश होती है, तो खेतों में पानी भर सकता है और पकी हुई फसल जमीन पर गिर सकती है। ऐसी स्थिति में किसानों को धान काटने और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में परेशानी उठानी पड़ सकती है।

तेज हवा और बारिश से धान की गुणवत्ता पर पड़ सकता है असर

कृषि के लिहाज से धान की कटाई का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। फसल पकने के बाद अधिक बारिश और तेज हवा नुकसानदायक साबित हो सकती है। तेज हवाओं के कारण धान के पौधे खेतों में गिर सकते हैं। वहीं, लगातार बारिश से खेतों में जलजमाव होने की आशंका है।

यदि कटाई के बाद धान को खुले में रखा गया और बारिश हो गई, तो उसके भीगने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने में भी परेशानी हो सकती है।

नावाडीह के किसानों ने जताई चिंता

नावाडीह क्षेत्र के किसान बाबूराम मांझी, खुशलाल महतो, महेंद्र महतो और नारायण महतो ने मौसम में बदलाव को लेकर चिंता जाहिर की है। किसानों का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो रही है और जल्द ही कटाई शुरू होने वाली है। ऐसे में भारी बारिश हुई, तो सालभर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।

उनके अनुसार, बारिश के कारण कटाई में देरी होने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

दीपावली के बाद धान की कटाई की तैयारी

बेरमो और आसपास के क्षेत्रों में कई किसान दीपावली के बाद धान की कटाई शुरू करने की योजना बना रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में धान की कटाई पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तैयार फसल को सुरक्षित बचाने की है।

अगर बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया, तो कटाई का काम प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा खेतों से धान निकालने और सुरक्षित स्थान पर रखने में भी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका

धान की खेती क्षेत्र के कई किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर खर्च करने के बाद किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन कटाई से ठीक पहले मौसम खराब होने पर उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।

खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए फसल का नुकसान बड़ी परेशानी बन सकता है। ऐसे किसानों के पास नुकसान की भरपाई के लिए सीमित संसाधन होते हैं।

मौसम सामान्य होने की उम्मीद लगाए बैठे किसान

फिलहाल बेरमो और नावाडीह क्षेत्र के किसान मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि भारी बारिश की आशंका टल जाएगी और वे समय पर अपनी फसल की कटाई कर सकेंगे।

किसानों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। अगर मौसम अनुकूल रहा, तो धान की कटाई सामान्य रूप से हो सकेगी। लेकिन तेज हवा और लगातार बारिश हुई, तो तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। अब किसानों की नजर मौसम के अगले पूर्वानुमान पर टिकी हुई है।

नोट: यह खबर किसानों की आशंकाओं और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। चक्रवात की स्थिति, बारिश की तीव्रता और जिलेवार मौसम चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन की पुष्टि जरूरी है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version