सोशल संवाद / जमशेदपुर : शारदीय नवरात्र को लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुर्गापूजा के साथ कलश स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह दिख रहा है। नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष महत्व है और यह पर्व कलश के बिना संपूर्ण नहीं माना जाता। व्यस्त दिनचर्या में पूरे नौ दिन घर पर कलश स्थापित कर उसकी सेवा करना कई लोगों के लिए संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वे मंदिरों में कलश स्थापना करवाकर पूजा संपूर्ण करते हैं।
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मंदिरों में कलश स्थापित कराने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें, ज्यादातर नौकरीपेशा लोग, एकल परिवार में रहने वाले और वे श्रद्धालु शामिल हैं, जिनके लिए घर पर कलश सेवा संभव नहीं हो पाती। साकची मनोकामना मंदिर, श्रीश्री बालाजी मंदिर और साकची शीतला मंदिर समेत शहर के दर्जनों मंदिरों में कलश सेवा की बुकिंग पहले से शुरू हो जाती है। एक हजार से ढाई हजार रुपये तक की रसीदें काटी जा रही हैं। श्रीश्री बालाजी मंदिर में कलश सेवा के लिए 1301 रुपये लिए जा रहे हैं। अब तक लगभग 60 कलशों के लिए रसीद काटी जा चुकी है, जबकि मनोकामना मंदिर में कलशों की संख्या ढाई सौ और 301 से अधिक तक पहुंच जाती है। श्रद्धालु निर्धारित राशि जमा कर अपने नाम से कलश बुक करा रहे हैं।
सामूहिक रूप से होती है कलश स्थापना
शहर के कई मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन सामूहिक रूप से कलश स्थापना की जाती है। बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं के नाम से कलश रखे जाते हैं और पूरे नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है। मंदिर समितियों के अनुसार हर वर्ष कलश स्थापना कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से बुकिंग शुरू कर दी गई है, ताकि नवरात्र के दौरान परेशानी न हो।











