सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड समेत देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
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मतदाता सूची को लेकर बढ़ी चिंता
देश के विभिन्न हिस्सों में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। आलोचकों ने आशंका जताई है कि दस्तावेजों और सत्यापन की प्रक्रिया के कारण कुछ पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूट सकते हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाना है।
पात्र मतदाताओं के नाम शामिल रहना जरूरी
CBCI की अपील का मुख्य संदेश है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक के अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया तथा जरूरतमंद लोगों को उचित सहायता मिलना आवश्यक है।
झारखंड में भी SIR को लेकर गतिविधियां तेज
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। राज्य में दावा-आपत्तियों के निष्पादन की समय-सीमा बढ़ाकर 23 नवंबर 2026 और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित किए जाने की रिपोर्ट है। निर्वाचन अधिकारियों ने पात्र नागरिकों, विशेषकर कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।











