सोशल संवाद / डेस्क : अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। एजेंसी का आरोप है कि राज्य सरकार जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रही है, जिसके कारण अदालत के निर्देश पर चल रही जांच प्रभावित हो रही है। इस मामले को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब भी मांगा है।

यह भी पढे :Arvind Kejriwal Protest: E20 पेट्रोल के खिलाफ पीएम से मिलने पहुंचे केजरीवाल, पुलिस ने रोका; मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि जांच के लिए जरूरी दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने से जांच तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसी वजह से उसे सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर नाराजगी जताते हुए अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और गृह विभाग के प्रधान सचिव को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि अगर किसी मामले की जांच उसके आदेश पर हो रही है, तो सभी संबंधित पक्षों का पूरा सहयोग मिलना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला कुछ सरकारी ठेकों और उनसे जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित है। जांच में मुख्यमंत्री पेमा खांडू के कुछ रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों का भी जिक्र सामने आया है। हालांकि, इस मामले में अभी जांच जारी है और किसी भी पक्ष के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष या दोष तय नहीं हुआ है।
सीबीआई का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रारंभिक जांच कर रही है, लेकिन राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। एजेंसी ने अदालत से इस मामले में जरूरी निर्देश जारी करने की मांग की है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल सभी की नजर अगली सुनवाई पर है, जहां यह तय हो सकता है कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए अदालत क्या अतिरिक्त निर्देश देती है।









