सोशल संवाद / रांची : जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े धांधली के मामले में सीआईडी झारखंड को एक बड़ी सफलता मिली है। सीआईडी की एसआईटी ने अप्राथमिकी अभियुक्त मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक मनु एक दर्जन से अधिक सफल अभ्यर्थियों को कोलकाता ले गया था। मनु का नाम राजन की गिरफ्तारी के बाद निकल कर सामने आया था। मनु ने रांची में रहकर ही पॉलिटेक्निक में पढ़ाई की थी।
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सीआईडी ने न्यायिक अभिरक्षा में बंद दो अन्य आरोपियों को भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त मनु कुमार सिंह (पिता- अशोक कुमार सिंह) के रूप में हुई है, जो ग्राम देवरिया, थाना अवतार नगर, जिला सारण (बिहार) का रहने वाला है। आरोप है कि मनु कुमार सिंह ने सीजीएल परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिसके दम पर कई अभ्यर्थी परीक्षा में सफल भी हुए हैं।
दो अन्य आरोपी रिमांड पर इस मामले में पहले से न्यायिक अभिरक्षा में बंद दो अन्य आरोपियों को भी सीआईडी ने रिमांड पर लिया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों में कुन्दन कुमार और समीर कुमार शामिल हैं। सीआईडी अब इन आरोपियों से आगे की पूछताछ कर परीक्षा धांधली के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। सीआईडी लगातार मामले के तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अभय की जमानत पर आंशिक सुनवाई
जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में जेल में बंद परीक्षा माफिया अभय तिवारी की जमानत याचिका पर गुरुवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में आंशिक सुनवाई हुई। अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए एक अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है। अभय तिवारी ने जमानत की गुहार लगाते हुए 28 अगस्त को याचिका दाखिल की थी।
सरकार ने जवाब दाखिल करने को समय मांगा
रांची। झारखंड सरकार की ओर से रद्द की गई जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 14 अक्तूबर निर्धारित की।












