सोशल संवाद / डेस्क : भारत के चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों के जन्म के बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इनमें भारत में जन्मे 36 चीता शावक भी शामिल हैं।
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कूनो में लगातार बढ़ रहा चीता कुनबा
भारत में चीता संरक्षण परियोजना के लिए कूनो नेशनल पार्क प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां अफ्रीकी देशों से चीतों को भारत लाने के बाद लगातार उनके प्रजनन की खबरें सामने आती रही हैं।
नए शावकों के जन्म को भारत में चीता आबादी को स्थायी रूप से बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से चीतों और उनके शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
भारत में विलुप्त हो चुका था चीता
भारत में चीते लंबे समय पहले विलुप्त हो गए थे। इसके बाद देश में इस प्रजाति को फिर से बसाने के उद्देश्य से चीता संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके तहत अफ्रीकी देशों से चीतों को भारत लाकर कूनो नेशनल पार्क में रखा गया।
इस परियोजना का उद्देश्य भारत में चीतों की ऐसी आबादी तैयार करना है, जो लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से बनी रह सके और आगे बढ़ सके।
बढ़ती संख्या के साथ बढ़ीं जिम्मेदारियां
चीतों की संख्या में बढ़ोतरी संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ कई नई जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। इनमें उनके लिए उपयुक्त आवास का प्रबंधन, पर्याप्त शिकार क्षेत्र, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सुविधाएं तथा लगातार निगरानी शामिल हैं।
कूनो में चीतों के बढ़ते कुनबे पर वन विभाग और विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। नए शावकों के जन्म से वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण से जुड़े लोगों में भी उत्साह है।
भारत का चीता संरक्षण कार्यक्रम देश में विलुप्त हो चुकी प्रजाति को दोबारा स्थापित करने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आने वाले वर्षों में चीतों की आबादी कितनी स्थायी रूप से बढ़ती है, यह उनके स्वास्थ्य, प्रजनन और प्राकृतिक आवास के सफल प्रबंधन पर निर्भर करेगा।










