सोशल संवाद / नई दिल्ली: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे, भूमि खरीद और निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्णय प्रक्रिया से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
चढ़ावे की राशि को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
सुरेंद्र राजपूत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सार्वजनिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, लेकिन ट्रस्ट द्वारा घोषित चढ़ावे की राशि को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि यदि करोड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए, तो घोषित चढ़ावे और संभावित दान राशि के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। कांग्रेस ने मांग की कि ट्रस्ट चढ़ावे और प्राप्त दान का विस्तृत एवं सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करे।
जमीन खरीद और निर्माण खर्च पर भी सवाल
कांग्रेस ने मंदिर से दूर खरीदी गई जमीन की कीमत को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि संबंधित जमीन बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गई। साथ ही यह भी पूछा गया कि उस जमीन का वर्तमान उपयोग क्या है और खरीद का उद्देश्य क्या था।
इसके अलावा कांग्रेस ने मंदिर निर्माण की लागत को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्माण को लेकर पहले अलग दावे किए गए थे, तो वास्तविक खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
दान में मिली सामग्री का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई चांदी, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का भी पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में वित्तीय पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
विशेष जांच दल पर भी जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता ने मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जांच एजेंसी पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके।
पीएम और ट्रस्ट की जवाबदेही तय करने की मांग
सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि श्रीराम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले पर सरकार और ट्रस्ट की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण दिया जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।










