सोशल संवाद / जमशेदपुर: दलमा क्षेत्र में वन विभाग की कथित मनमानी और ग्राम सभा को दरकिनार कर ईको टूरिज्म योजनाओं को थोपने के खिलाफ अब जनाक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। इसी कड़ी में आगामी 25 फरवरी को दलमा वन्य जीव अभ्यारण्य के माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में विशाल महा जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
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इस ऐतिहासिक सम्मेलन की तैयारी को लेकर आज NH-33 स्थित होटल वन पलासी में एक अहम बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया।
बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि ईको टूरिज्म के नाम पर वन विभाग ग्राम सभाओं की अनदेखी कर रहा है और स्थानीय आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना ग्राम सभा की अनुमति विकास योजनाओं को लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।
सभा में उपस्थित दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया, समाजसेवी बुद्धेश्वर मार्डी, गुरूचरण कर्मकार, जयनाथ सिंह, सुषेण सिंह सरदार, सुकु हांसदा सहित कई ग्रामीण नेताओं ने जोरदार शब्दों में कहा कि यदि वन विभाग अपनी मनमानी बंद नहीं करता तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि 25 फरवरी का महा जन सम्मेलन सिर्फ एक सभा नहीं बल्कि दलमा की जनता की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा की निर्णायक लड़ाई का आगाज होगा।
बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया गया और इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। “ग्राम सभा सर्वोपरि है, वन विभाग की मनमानी नहीं चलेगी” इसी नारे के साथ दलमा की धरती पर आंदोलन की चिंगारी अब जनसैलाब में बदलने को तैयार है।










