सोशल संवाद / डेस्क : Delhi विधानसभा में ‘फांसी घर’ को लेकर फैलाए गए कथित भ्रामक प्रचार पर बड़ा फैसला लिया गया है। सदन ने नियम 77(1)(a) के तहत पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Ram Niwas Goel और पूर्व उपाध्यक्ष Rakhi Birla के खिलाफ चेतावनी प्रस्ताव पारित किया।
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‘फांसी घर’ को बताया गया मनगढ़ंत नैरेटिव
सदन के अनुसार, विधानसभा परिसर में ‘फांसी घर’ से जुड़ी कहानी आधारहीन और भ्रामक है। इसे लेकर फैलाए गए प्रचार को सदन की अवमानना माना गया है।
स्पीकर Vijender Gupta का बयान
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि:
- सदन के पास कड़ी सजा देने का अधिकार है
- लेकिन संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए पहले चरण में चेतावनी दी गई है
- यह फैसला न्यायिक संयम का उदाहरण है
उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की अवमानना सिद्ध हो चुकी है और इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
ऐतिहासिक महत्व को लेकर भी दी जानकारी
स्पीकर ने कहा कि दिल्ली विधानसभा भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
- Mahatma Gandhi यहां की कार्यवाही देखने आए थे
- 1919 में यहीं ‘रौलट एक्ट’ पारित हुआ था
- इसके बाद ही असहयोग आंदोलन की नींव पड़ी
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक भवन को ‘फांसी घर’ से जोड़ना उसके गौरवशाली इतिहास के साथ अन्याय है।

झूठे प्रचार पर जताई नाराजगी
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘फांसी घर’ जैसी कहानियां फैलाकर वास्तविक शहीदों की विरासत को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने बवाना, नजफगढ़, महरौली समेत कई क्षेत्रों के शहीदों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी कुर्बानी को याद रखना जरूरी है।
आगे भी होगी कार्रवाई
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विशेषाधिकार समिति की आगामी रिपोर्ट ‘फांसी घर’ विवाद पर केंद्रित होगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि
- भ्रामक जानकारी पर सख्त कार्रवाई होगी
- सदन की गरिमा और शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा
दिल्ली विधानसभा में ‘फांसी घर’ विवाद को लेकर उठाए गए इस कदम से साफ है कि सदन अपनी गरिमा बनाए रखने को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले समय में इस मामले पर और कार्रवाई संभव है।










