सोशल संवाद / रांची: झारखंड में व्यावसायिक बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नई पहल शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 बकरी और 5 बकरों की क्षमता वाले फार्म की स्थापना के लिए 70% तक सरकारी अनुदान दिया जाएगा। राज्यभर में कुल 437 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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9.78 लाख की परियोजना पर 6.84 लाख तक अनुदान
योजना के तहत एक फार्म की अनुमानित लागत 9.78 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सरकार अधिकतम 6,84,600 रुपये यानी 70% तक अनुदान देगी। बाकी 2,93,400 रुपये लाभुक को अपने अंशदान और बैंक ऋण के जरिए जुटाने होंगे। पात्रता और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार 30% हिस्से में 15% तक बैंक ऋण की सुविधा भी बताई गई है।
अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा। पहली किस्त योजना की मंजूरी के बाद और दूसरी किस्त आधारभूत संरचना पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।
437 फार्म, इन जिलों में इतना लक्ष्य
राज्य में कुल 437 फार्म स्थापित करने का लक्ष्य है। इनमें रांची में 47, जबकि जमशेदपुर और पलामू में 26-26 फार्म का लक्ष्य रखा गया है। चाईबासा में 23, दुमका में 22, गोड्डा में 20 और गढ़वा में 19 फार्म स्थापित किए जाने हैं।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना के लिए आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना और बकरी पालन का अनुभव होना जरूरी है। आवेदक के पास कम से कम 50 डिसमिल जमीन होनी चाहिए। यह जमीन निजी हो सकती है या कम से कम 10 साल की लीज पर ली गई हो।
बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आवेदकों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
आवेदन कहां करना होगा?
इच्छुक आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र, घोषणा पत्र, शपथ पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने प्रखंड पशुपालन कार्यालय या जिला पशुपालन कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। इसके बाद दस्तावेजों और योजना प्रस्ताव की जांच होगी। स्थल निरीक्षण के बाद प्रस्ताव की अनुशंसा की जाएगी और निदेशालय स्तर की समिति अंतिम चयन करेगी।
10 साल तक फार्म चलाने की शर्त
चयनित लाभुक को फार्म को कम से कम 10 वर्षों तक संचालित करने का शपथ पत्र देना होगा। फार्म में महामारी नियंत्रण से जुड़े मानकों का पालन भी जरूरी होगा और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।










