सोशल संवाद / चाईबासा: झारखंड सरकार द्वारा समाहरणालय संवर्ग के विभिन्न पदों के नाम में ऐतिहासिक बदलाव किए जाने के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत लिपिकीय संवर्ग के कई पदों को नए और अधिक गरिमापूर्ण नाम दिए गए हैं। कर्मचारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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नई अधिसूचना के अनुसार निम्नवर्गीय लिपिक का पदनाम अब ‘सहायक’, उच्च वर्गीय लिपिक का पदनाम ‘वरीय सहायक’ तथा प्रधान लिपिक का पदनाम बदलकर ‘सहायक प्रशासी पदाधिकारी’ कर दिया गया है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग के पूरा होने से समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारियों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। कर्मचारियों का मानना है कि नए पदनाम से उनकी जिम्मेदारियों और कार्यों को बेहतर पहचान मिलेगी।
सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार से उनके कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने पदनाम परिवर्तन के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उपायुक्त के साथ अपनी खुशी साझा की।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नए पदनाम के साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं और उन्हें जनहित, पारदर्शिता तथा प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए।
सरकार के इस निर्णय को पश्चिमी सिंहभूम के समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारियों ने ऐतिहासिक बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और कर्मचारियों का मनोबल दोनों मजबूत होंगे।










