सोशल संवाद / डेस्क : NEET 2026 पेपर लीक विवाद और पिछले कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को केंद्र सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

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लगातार बढ़ रहा था छात्रों का दबाव
NEET 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई स्थानों पर छात्रों और विभिन्न संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी शामिल था।
इस्तीफे की पुष्टि
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
NEET पेपर लीक विवाद बना बड़ा मुद्दा
NEET 2026 परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस मामले को लेकर छात्रों, विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। लगातार बढ़ते विरोध के बीच शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
आगे क्या?
अब केंद्र सरकार के सामने नया शिक्षा मंत्री नियुक्त करने के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून लागू करने और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करने की चुनौती होगी। सरकार पहले ही परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदमों के संकेत दे चुकी है।









