ध्रुव जुरेल ने बताई ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू की कहानी, बोले- यही मेरी जड़ें हैं

By Sharia Nasrah

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ध्रुव जुरेल ने बताई ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू की कहानी, बोले- यही मेरी जड़ें हैं

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सोशल संवाद / डेस्क : श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक लगाने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल का एक खास अंदाज चर्चा में है। शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने सलामी दी और अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ वाला टैटू दिखाया। इसके पीछे की कहानी सामने आने के बाद यह पल और भी खास हो गया।

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ध्रुव जुरेल ने बताया कि यह टैटू उनके परिवार की जड़ों से जुड़ा है। उनके दादा किसान थे, जबकि उनके पिता भारतीय सेना में रहे हैं। जुरेल ने कहा कि यही उनकी जड़ें हैं और वह इन्हें कभी भूलना नहीं चाहते। इसी वजह से उन्होंने अपने पिता और दादा के सम्मान में यह टैटू बनवाया है।

जुरेल का यह सेलिब्रेशन उनके पिता के प्रति सम्मान से भी जुड़ा है। उनके पिता सेना में रहे और कारगिल युद्ध में भी शामिल हुए थे। जुरेल इससे पहले भी अर्धशतक या शतक पूरा करने के बाद सलामी देकर अपने पिता को सम्मान देते रहे हैं।

शतक के बाद दिखाया खास टैटू

श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में जुरेल ने 115 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 177 गेंदों का सामना किया और 9 चौके व 2 छक्के लगाए। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका दूसरा शतक रहा। शतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी बांह पर बने टैटू की ओर इशारा कर अपने परिवार और उनकी विरासत को याद किया।

जुरेल ने बताया कि उनका यह शतक सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उनके पिता और दादा के संघर्ष और योगदान से भी जुड़ा है। यही वजह है कि ‘जय जवान, जय किसान’ उनके लिए महज एक नारा नहीं, बल्कि उनके परिवार और उनकी पहचान का हिस्सा है।

उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। क्रिकेट फैंस जुरेल के शतक के साथ-साथ उनके इस भावुक सेलिब्रेशन की भी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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