सोशल संवाद / रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के सात सेवानिवृत्त कर्मियों की याचिका पर संबंधित प्राधिकारी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन पुनरीक्षण और पेंशन लाभ के दावे पर आठ सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ रंजन ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग का लाभदेने का निर्णय पहले ही ले लिया है, लेकिन याचिकाकर्ताओं को इसका लाभ नहीं मिला है। वहीं, राज्य की ओर से एसी टू जीए-5 मौशमी चटर्जी ने कहा कि निगम की ओर से अभी जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर वेतनमान संशोधित करने, बकाया वेतन का भुगतान करने तथा संशोधित अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन एवं अन्य पेंशनरी लाभ निर्धारित करने की मांग की थी। उन्होंने बकाया राशि पर 18 प्रतिशत ब्याज देने की भी मांग की थी।
अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि राज्य ने इस संबंध में निर्णय लिया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को ही अभ्यावेदन मानते हुए झारखंड राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को आठ सप्ताह के भीतर कानून व लागू नियमों के अनुसार कारणयुक्त एवं स्पष्ट आदेश पारित करने का निर्देश दिया।












