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6 करोड़ के फ्लैट में गंदा पानी! नोएडा की पॉश सोसाइटी में नलों से निकल रहे कीड़े, बीमार पड़ रहे लोग

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : नोएडा के सेक्टर-29 स्थित एक पॉश रिहायशी सोसाइटी में रहने वाले लोगों के लिए महंगे फ्लैट अब परेशानी का कारण बन गए हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए घरों में रहने वाले परिवार इन दिनों दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप है कि नलों से गंदा पानी निकल रहा है, जिसमें कीड़े और बदबूदार तत्व दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है और कई परिवार बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं।

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नलों से आ रहा बदबूदार और कीड़ों वाला पानी

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। कई फ्लैट मालिकों ने शिकायत की है कि सुबह और शाम के समय पानी का रंग मटमैला हो जाता है और उसमें छोटे-छोटे कीड़े दिखाई देते हैं। इस पानी का इस्तेमाल करने से घरों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। लोग मजबूरी में महंगा पैकेज्ड पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।

बीमार पड़ रहे लोग, बढ़ रहे स्वास्थ्य जोखिम

दूषित पानी के कारण सोसाइटी में डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और स्किन इंफेक्शन के मामले बढ़ने लगे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर देखा जा रहा है। कई परिवारों ने बताया कि नहाने या बर्तन धोने के बाद त्वचा पर लाल चकत्ते और खुजली की शिकायत हो रही है। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक ऐसे पानी के संपर्क में रहने से गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

निवासियों का विरोध और प्रशासन से कार्रवाई की मांग

समस्या से परेशान लोगों ने सोसाइटी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया है। निवासियों का कहना है कि वे भारी मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने जल्द से जल्द पानी की जांच और सप्लाई सिस्टम की मरम्मत की मांग की है।

विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। पानी को उबालकर या फिल्टर कर ही उपयोग में लाना सुरक्षित रहता है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर उल्टी, दस्त या त्वचा संबंधी समस्या दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इस मामले ने शहर में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों की लागत वाले फ्लैट में रहने वाले लोग जब सुरक्षित पानी तक नहीं पा रहे, तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी यह चिंता का विषय बन गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकलता है।

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