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तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में विस्थापितों के नियोजन पर विवाद तेज, अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन से की मुलाकात

By Riya Kumari

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तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट में विस्थापितों के नियोजन पर विवाद तेज, अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन से की मुलाकात
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सोशल संवाद / जादूगोड़ा: यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की तुरामडीह यूरेनियम परियोजना में विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के नियोजन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पांच ग्राम प्रधानों के सत्यापन के आधार पर संवेदक के अधीन नियोजन की प्रक्रिया शुरू किए जाने का विरोध अब तेज हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को यूसीआईएल प्रबंधन से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

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प्रतिनिधिमंडल ने यूसीआईएल के उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार और प्रबंधक गिरीश गुप्ता से मुलाकात कर कथित “काले कानून” को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही, विस्थापितों और प्रभावित परिवारों से जुड़े लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी, ताकि उन्हें उनका अधिकार और न्याय मिल सके।

बैठक के दौरान भाजपा नेता गणेश सरदार ने कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर किस नियम या प्रावधान के तहत पोटका विधायक संजीव सरदार को तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट की आवासीय कॉलोनी में पांच क्वार्टर आवंटित किए गए हैं। उन्होंने इस आवंटन को तत्काल निरस्त कर क्वार्टर खाली कराने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करेगी।

हालांकि, इस सवाल पर यूसीआईएल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। प्रबंधन की चुप्पी को लेकर विस्थापितों और प्रभावित परिवारों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि एक ओर कंपनी राजनीतिक दबाव में विस्थापितों के कार्यालय को खाली करा देती है, वहीं दूसरी ओर विधायक को आवंटित क्वार्टर के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे कंपनी की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

बैठक में भाजपा नेता गणेश सरदार ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों से तुरामडीह परियोजना के 17 विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों को गैरकानूनी तरीके से नियोजन से वंचित रखा गया है। उन्होंने मांग की कि कंपनी जल्द से जल्द इन परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराए, अन्यथा व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी यूसीआईएल प्रबंधन की होगी।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जल्द ही जमशेदपुर एसडीओ की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विस्थापितों के पुनर्वास, रोजगार, मृतक आश्रितों को नौकरी तथा अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

बैठक में राम साईं सोरेन, भाजपा नेता गणेश सरदार, विशाल चाकी, प्रिया कुकल सहित बड़ी संख्या में विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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