झारखंड में AI रोडमैप निर्माण में डॉ. नीत नयना की सहभागिता, उच्च शिक्षा और रोजगारपरक कौशल पर जोर

By Riya Kumari

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झारखंड में AI रोडमैप निर्माण में डॉ. नीत नयना की सहभागिता, उच्च शिक्षा और रोजगारपरक कौशल पर जोर

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सोशल संवाद / जमशेदपुर: झारखंड में उच्च शिक्षा को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला की कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने सहभागिता की। 24 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के स्वर्णरेखा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन झारखंड राज्य संकाय विकास अकादमी (JSFDA) और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने किया।

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कार्यशाला में उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग, विद्यार्थियों के भविष्यगत कौशल विकास और उद्योगों के साथ शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य झारखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए एक व्यापक AI रोडमैप तैयार करने की दिशा में सुझाव जुटाना था।

AI आधारित कौशल और रोजगार पर चर्चा

कार्यशाला में ‘India AI Future Skills and Industry Collaboration & Employability’ विषय पर विशेष जोर दिया गया। इसमें पाठ्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने, विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप के अवसर देने और AI के जिम्मेदार व नैतिक उपयोग के प्रति जागरूक करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

डॉ. नीत नयना ने उच्च शिक्षा में AI के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी कौशल विकास और उद्योगों के साथ शैक्षणिक सहयोग से जुड़े विचार-विमर्श में योगदान दिया। AI रोडमैप के ब्लूप्रिंट निर्माण की प्रक्रिया में उनकी सहभागिता का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान, प्रशासन और रोजगारपरक प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है।

कुलपति और कुलाधिपति ने बताई AI की उपयोगिता

सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि AI शिक्षा को अधिक प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की क्षमता रखता है। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, समस्या-समाधान और नैतिक मूल्यों के विकास पर जोर दिया।

वहीं, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि शिक्षा, तकनीक और कौशल विकास के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। AI का जिम्मेदार उपयोग विद्यार्थियों के लिए रोजगार, उद्यमिता, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर विकसित करने में सहायक हो सकता है।

सोना देवी विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार, कौशल विकास और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान व रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाना है।

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