सोशल संवाद / चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के लुपंगडीह स्थित नारायण प्राइवेट आईटीआई में भारत के प्रख्यात शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह भी पढे : Jharkhand High Court: बहू को डांटना 498A में क्रूरता नहीं, सास बरी
डॉ. जटाशंकर पांडे ने अर्पित की पुष्पांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। इस अवसर पर उन्होंने उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता, शिक्षा, औद्योगिक विकास और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। वे कम उम्र में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा दी।
राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक थे डॉ. मुखर्जी
डॉ. पांडे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को नई पहचान दी।
उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी सांस्कृतिक एकता के प्रबल समर्थक थे और उनका मानना था कि भारत की विविधता के बावजूद देश की सांस्कृतिक विरासत एक है। वे राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सर्वोच्च महत्व देते थे तथा समाज में समरसता और सेवा की भावना को बढ़ावा देने के पक्षधर थे।
विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान
अपने संबोधन में डॉ. जटाशंकर पांडे ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि अनुशासन, शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे महान व्यक्तित्वों का जीवन सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर एडवोकेट निखिल कुमार, प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, भगत लाल तेली, प्रकाश महतो, शुभम साहू, देवाशीष मंडल, शशि भूषण महतो, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, अजय मंडल और गौरव महतो सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा के संकल्प के साथ हुआ।










