सोशल संवाद / डेस्क : नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा किरीबुरु क्षेत्र की तीन खुदरा दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य औषधि बिक्री नियमों के अनुपालन और नियंत्रित दवाओं की वैधता की जांच करना था।
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एक दुकान में मिली गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान एक दवा दुकान में अनियमितता पाई गई। यहां सक्षम व्यक्ति (Qualified Pharmacist) अनुपस्थित था और अनुसूची एच1 (Schedule H1) रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाया गया। इस गंभीर लापरवाही को लेकर अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की संभावना जताई गई है।
स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश
सभी दुकानों में साफ-सफाई की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही दुकानों में ढक्कनयुक्त कूड़ेदान रखने को भी अनिवार्य करने को कहा गया।
एक दुकान में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) उपलब्ध पाया गया, जबकि अन्य दुकानों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तुरंत अग्निशामक यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण में सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए पाए गए, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों की बेहतर निगरानी के लिए कैमरों को दुकान के सामने की दिशा में केंद्रित करने के निर्देश दिए गए।
रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच संतोषजनक
खरीद, बिक्री और स्टॉक बैलेंस से संबंधित सभी रिकॉर्डों की जांच की गई, जो संतोषजनक और नियमों के अनुरूप पाए गए। निरीक्षण में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से जुड़ी कोई शिकायत या अवैध गतिविधि सामने नहीं आई।
डॉक्टर के पर्चे पर ही दवा बिक्री के निर्देश
ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी नियंत्रित दवाओं की बिक्री केवल वैध डॉक्टर के पर्चे पर ही की जाए। निरीक्षण के दौरान एक दुकान में नींद की गोलियां पाई गईं, जो सेल अस्पताल किरीबुरु के डॉक्टर के पर्चे के आधार पर सही तरीके से जारी की गई थीं और उनके रिकॉर्ड भी नियमों के अनुसार पाए गए।









