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न्यायालय की फटकार के बाद भी यह सरकार सी.ए.जी. रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर नही रखती जो यह स्थापित करता है की सी.ए.जी. की रिपोर्ट से केजरीवाल डरते हैं -वीरेन्द्र सचदेवा

By Tamishree Mukherjee

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न्यायालय की फटकार के बाद भी यह सरकार सी.ए.जी. रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर नही रखती
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सोशल संवाद / नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है की दिल्ली वाले अक्सर यह सोचते हैं की आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल या उन्ही आतिशी मार्लेना सरकार सी.ए.जी. की रिपोर्टों को क्यों दबा कर रखना चाहती है क्यों नही उनको दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखना चाहती। प्रवक्ता शुभेनदू शेखर अवस्थी भी मंच पर थे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा की न्यायालय की फटकार के बाद भी यह सरकार सी.ए.जी. रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर नही रखती जो यह स्थापित करता है की सी.ए.जी. की रिपोर्ट से केजरीवाल डरते हैं। शीशमहल बंगले से जुड़ी सी.ए.जी. रिपोर्ट के हिस्से को कल मैंने दिल्ली वालों के समक्ष रखा, आज मै दिल्ली सरकार के प्रचार विज्ञापन खेल पर सी.ए.जी. रिपोर्ट सामने रख रहा हूं, जो अरविंद केजरीवाल की पोल खोलने को काफी है। आज हमने समाचार पत्रों के माध्यम से देखा की हमने जो शीशमहल बंगले को लेकर सी.ए.जी. रिपोर्ट का हवाला देकर आरोप लगाये तो सांसद संजय सिंह ने उस सम्बंधित रिपोर्ट को फर्जी रद्दी का कागज बताया है।

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यह भी पढ़े : दिल्ली देहात के साथ केजरीवाल ने किया विश्वासघात: बिधूड़ी

मै संजय सिंह से पूछना चाहता हूं की यदि मेरे द्वारा कल रखी गई सी.ए.जी. रिपोर्ट फर्जी थी तो असली मे क्या लिखा है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की मै अरविंद केजरीवाल, आतिशी मार्लेना एवं संजय सिंह को चुनौती देता हूं की कल विधानसभा की बैठक बुलायें और सी.ए.जी. रिपोर्ट सदन पटल पर सार्वजनिक कर उस पर भाजपा से बहस करे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की संविधान अनुसार भारत सरकार के सामान्य वित्त नियम कहते हैं की किसी भी सरकार चाहें केन्द्रीय हो या राज्य की हो उसके खर्च तर्कसंगत होने चाहिए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के भी निर्देश हैं की सरकारें विज्ञापन पर कुछ इस तरह खर्च करें की उस जनता को जिसे उन योजनाओं से लाभ होना है को उसकी जानकारी मिले पर जनधन वहां बर्बाद नही होना चाहिए जहां लोगों का उस योजना से कुछ लेना देना नही है। विज्ञापन पर खर्च किसी भी सूरत मे योजना पर मूल खर्च से अधिक नही होना चाहिए।

मैं इस पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से वित्त वर्ष 2021-22 से जुड़ी सी.ए.जी. रिपोर्ट के हवाले से अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगता हूं की आखिर कैसे उन्होने अपनी 4 योजनाओं के प्रचार पर मूल योजना खर्च से 31 गुणा खर्च कर डाला ? सी.ए.जी. की रिपोर्ट बताती है की 2021-22 वर्ष में हम सब कोविड से जूझ रहे थे उस वक्त केजरीवाल सरकार ने निम्न चार योजनाओं के नाम पर जनधन को स्व प्रचार पर लुटाया —

केजरीवाल सरकार की जनधन बर्बादी पर चार सवाल जो सी.ए.जी. ने खड़े किये हैं केजरीवाल आगे आयें उन पर जवाब दें ?

1. बिजनस ब्लास्टर स्कीम मूलधन खर्च 54.08 करोड़ – प्रचार खर्च 80.02  करोड़ रूपए।

2. देश के मेंटोर मूल खर्च सिर्फ 1.90 करोड़ – प्रचार खर्च 27.90 करोड़ रूपए।

3. पराली योजना सिर्फ 0.77 लाख – प्रचार खर्च 27.89 करोड़ रुपये।

4. स्मॉग टावर मूल खर्च 20 करोड़ – प्रचार खर्च 5.88 करोड़ रूपए।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की दिल्ली उम्मीद करती है की आज अरविंद केजरीवाल खुद सामने आ कर मेरे द्वारा रखे सवालों का जवाब देंगे।

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