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Fish and Milk Myth: क्या मछली खाने के बाद दूध पीने से हो जाते हैं सफेद दाग? जानिए क्या है सच

By Riya Kumari

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Fish and Milk Myth: क्या मछली खाने के बाद दूध पीने से हो जाते हैं सफेद दाग? जानिए क्या है सच

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सोशल संवाद / डेस्क : भारतीय घरों में अक्सर यह सलाह दी जाती है कि Fish खाने के बाद Milk नहीं पीना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से शरीर पर सफेद दाग (Vitiligo) हो सकते हैं। यह धारणा वर्षों से लोगों के बीच प्रचलित है, लेकिन क्या इसका कोई वैज्ञानिक आधार भी है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स और शोध क्या कहते हैं।

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क्या Fish and Milk साथ लेने से होते हैं सफेद दाग?

त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, मछली और दूध का एक साथ सेवन करने से सफेद दाग होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विटिलिगो एक त्वचा संबंधी बीमारी है, जिसमें शरीर की रंग बनाने वाली कोशिकाएं (मेलानोसाइट्स) प्रभावित हो जाती हैं। इसका संबंध मुख्य रूप से ऑटोइम्यून, आनुवंशिक और अन्य जैविक कारणों से माना जाता है, न कि किसी विशेष फूड कॉम्बिनेशन से।

आखिर कहां से शुरू हुई यह मान्यता?

आयुर्वेद और पारंपरिक मान्यताओं में मछली और दूध को “विरुद्ध आहार” माना गया है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के अनुसार, दोनों की तासीर अलग-अलग मानी जाती है, इसलिए इन्हें साथ लेने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान सफेद दाग और इस फूड कॉम्बिनेशन के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मानता।

क्या हो सकती हैं पाचन संबंधी समस्याएं?

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों को दूध, मछली या किसी विशेष खाद्य पदार्थ से एलर्जी अथवा पाचन संबंधी संवेदनशीलता हो सकती है। ऐसे मामलों में गैस, अपच, पेट फूलना या असहजता महसूस हो सकती है। लेकिन यह समस्या फूड कॉम्बिनेशन की वजह से नहीं, बल्कि व्यक्ति की व्यक्तिगत शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है।

दुनिया भर में साथ खाए जाते हैं मछली और डेयरी उत्पाद

कई देशों में मछली और दूध या डेयरी उत्पादों से बने व्यंजन सामान्य रूप से खाए जाते हैं। फिश चाउडर, क्रीमी सीफूड सूप और दही आधारित फिश करी जैसे कई लोकप्रिय व्यंजन इसके उदाहरण हैं। इन खाद्य पदार्थों के सेवन से सफेद दाग होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

विटिलिगो के असली कारण क्या हैं?

डॉक्टरों के अनुसार विटिलिगो मुख्य रूप से एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से त्वचा की रंग बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर देती है। इसके अलावा आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

मछली खाने के बाद दूध पीने से सफेद दाग होने की धारणा को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया जा सका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे एक आम मिथक मानते हैं। हालांकि यदि किसी व्यक्ति को किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या पाचन संबंधी समस्या है, तो उसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार खानपान अपनाना चाहिए।

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