सोशल संवाद / चक्रधरपुर : मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा अधिकारियों की भारी कमी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिले के 18 प्रखंडों की शिक्षा व्यवस्था मात्र 3 अधिकारियों के भरोसे संचालित होना अत्यंत चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जिले के हजारों विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि पर्याप्त शिक्षा अधिकारियों के अभाव में विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, शिक्षण गुणवत्ता की निगरानी, मध्याह्न भोजन योजना, छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण सहित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसी स्थिति बच्चों के संविधान प्रदत्त शिक्षा के अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की भावना के अनुरूप नहीं है।
बैरम खान ने बताया कि इस गंभीर जनहित के विषय को लेकर उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही CPGRAMS के माध्यम से झारखंड सरकार को शिकायत भेजी गई है तथा मुख्य सचिव, झारखंड सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भी विस्तृत ईमेल प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा अधिकारियों के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित नियुक्ति की जाए, अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था समाप्त की जाए तथा विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
बैरम खान ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या विभाग के विरुद्ध नहीं, बल्कि पश्चिमी सिंहभूम के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनके शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए उठाया गया जनहित का कदम है। उन्होंने सामाजिक संगठनों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने की अपील की।









