सोशल संवाद / डेस्क : अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड (IOAA) 2026 में भारतीय छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वियतनाम के हनोई में आयोजित 19वें IOAA में भारत के पांच छात्रों ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
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IOAA 2026 का आयोजन 25 सितंबर से 5 अक्टूबर तक किया गया, जिसमें दुनिया के 64 देशों के 307 छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के इतिहास में यह सबसे बड़े संस्करणों में से एक रहा।
चार छात्रों ने जीते गोल्ड मेडल
भारत की ओर से हैदराबाद के प्रांजल दीक्षित, दिल्ली के सुमंत गुप्ता, गुरुग्राम के अक्षत श्रीवास्तव और फरीदाबाद के अर्नव सहरावत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, वडोदरा के हर्षिल अमितकुमार पटेल ने रजत पदक जीतकर भारत की पदक सूची में एक और उपलब्धि जोड़ी।
चार स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने मेजबान वियतनाम के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। ईरान और दक्षिण कोरिया पांच-पांच स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहे।
64 देशों के 307 छात्रों ने लिया हिस्सा
IOAA 2026 में कुल 64 देशों के 307 छात्रों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, प्रतिभागी देशों और छात्रों की संख्या के लिहाज से यह अब तक का सबसे बड़ा IOAA संस्करण रहा। प्रतियोगिता में कुल 51 स्वर्ण, 48 रजत और 60 कांस्य पदक प्रदान किए गए।
भारत के लिए 2026 बना ऐतिहासिक ओलंपियाड वर्ष
IOAA 2026 का परिणाम भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इससे देश ने वरिष्ठ स्तर के अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस वर्ष गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और खगोल विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी 24 छात्रों ने स्वर्ण या रजत पदक जीता।
इन 24 छात्रों में 16 ने स्वर्ण और 8 ने रजत पदक हासिल किए। 1989 में भारत के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भाग लेना शुरू करने के बाद यह पहली बार है जब पांचों वरिष्ठ स्तर के विज्ञान ओलंपियाड में शामिल हर भारतीय छात्र ने कम से कम स्वर्ण या रजत पदक जीता है।
खगोल विज्ञान ओलंपियाड में भारत का मजबूत रिकॉर्ड
भारत ने वर्ष 1999 से अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान ओलंपियाड में हिस्सा लेना शुरू किया था। इसके बाद से भारतीय छात्रों का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) के आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान प्रतियोगिताओं में भारतीय प्रतिभागियों ने अब तक करीब 49 प्रतिशत स्वर्ण, 35 प्रतिशत रजत और 13 प्रतिशत कांस्य पदक जीते हैं।
पिछले पांच वर्षों में भारतीय प्रदर्शन और बेहतर रहा है। इस अवधि में भारत के सभी प्रतिभागियों ने स्वर्ण या रजत पदक हासिल किया है। इनमें करीब 64 प्रतिशत ने स्वर्ण और 36 प्रतिशत ने रजत पदक जीता।
HBCSE की तैयारी में अहम भूमिका
अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारत की भागीदारी और टीम की तैयारी में होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। केंद्र विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए छात्रों का चयन और प्रशिक्षण करता है।
IOAA 2026 से पहले भारतीय खगोल विज्ञान टीम के छात्रों को सैद्धांतिक खगोल विज्ञान, खगोलीय अवलोकन और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में तैयार किया गया।
भारत के चार स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ IOAA 2026 का प्रदर्शन देश के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गया है। साथ ही, पांचों वरिष्ठ स्तर के विज्ञान ओलंपियाड में सभी 24 भारतीय प्रतिभागियों का स्वर्ण या रजत पदक जीतना 2026 को भारत के विज्ञान ओलंपियाड इतिहास का खास वर्ष बनाता है।











