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दिल्ली में GRAP-4 के सख्त उपायों से हवा की गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरण मंत्री ने दी जानकारी

By Aditi Pandey

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GRAP-4 measures have improved air quality in Delhi
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सोशल संवाद/डेस्क: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति पर तेज़ी से काम हो रहा है। बीते चार दिनों से लागू GRAP-4 के सख्त नियमों के सकारात्मक असर अब ज़मीन पर दिखने लगे हैं और शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया जा रहा है।

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पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि “नो PUC, नो फ्यूल” नियम लागू होने के बाद अब तक 2 लाख से अधिक वाहनों की PUC जांच की जा चुकी है और सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 10,000 वाहन मानकों पर खरे नहीं उतर सके। मंत्री ने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सख्त प्रवर्तन सही दिशा में असर दिखा रहा है।

सभी PUC केंद्रों को आधुनिक मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है और थर्ड-पार्टी जांच प्रणाली भी लागू की जा रही है, ताकि जांच में देरी न हो और नतीजे भरोसेमंद रहें। परिवहन विभाग की तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

दिल्ली भर में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ अभियान और तेज़ कर दिया गया है। जो भी औद्योगिक इकाई वायु प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करेगी, उसे तुरंत सील किया जाएगा। 31 दिसंबर तक OECM सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन न करने वाले उद्योगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। MCD और DPCC मिलकर शहर में चल रहे अवैध और अनधिकृत औद्योगिक यूनिट्स की पहचान कर उन्हें बंद कर रहे हैं।

धूल नियंत्रण के लिए सड़कों की दिन-रात सफाई और पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लैंडफिल साइट्स पर रोज़ाना करीब 35,000 मीट्रिक टन कचरा वैज्ञानिक तरीके से बायो-माइनिंग के माध्यम से नष्ट किया जा रहा है, जिससे धूल से होने वाला प्रदूषण कम हो।

सरकार जलाशयों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। लक्ष्य है कि पुराने या अतिक्रमित जलाशयों में से कम से कम 50 प्रतिशत को उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाए, ताकि ये धूल कम करने और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करें।

वर्क-फ्रॉम-होम के नियमों पर भी सख़्ती बरती जा रही है। GRAP-4 के तहत 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम का पालन न करने वाली निजी कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सुविधा ज़रूरी है, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता।

ANPR कैमरों में तकनीकी खामियों पर मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग इस मुद्दे को देख रहा है। उन्होंने पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लापरवाही और खराब निगरानी के कारण शहर के पर्यावरण को नुकसान हुआ।

मंत्री सिरसा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री पर भी तीखा हमला किया और कहा कि जो लोग लंबे समय तक दिल्ली पर राज कर गए और प्रदूषण, बदइंतज़ामी और भ्रष्टाचार छोड़ गए, उनका अब सिर्फ़ पोलिटिकल टूरिस्ट की तरह फोटो खिंचवाने का अधिकार है।

अंत में मंत्री ने नागरिकों और अधिकारियों का धन्यवाद किया और कहा कि सरकार पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ रही है। मिलकर काम करके दिल्ली को साफ़, सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

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