सोशल संवाद / जमशेदपुर: झारखंड में सामने आए 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रांची की टीम ने बुधवार को जमशेदपुर, कोलकाता और देवघर में एक साथ छापेमारी की। देर रात ईडी ने जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों का एमजीएम अस्पताल में मेडिकल कराया गया, जिसके बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ रांची ले गई।
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ईडी की कार्रवाई के तहत जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र में कारोबारी से जुड़े तीन ठिकानों पर सुबह से ही तलाशी अभियान चलाया गया। होटल सोनेट के सामने स्थित ज्योति अपार्टमेंट में ज्ञानचंद जायसवाल के आवास-सह-कार्यालय की तलाशी ली गई। इसके अलावा केएन रोड स्थित बीएस टावर के ग्राउंड फ्लोर पर कारोबारी के फ्लैट और उनके अकाउंटेंट संजय पारेख के ठिकाने पर भी ईडी की टीम पहुंची।
छापेमारी में ईडी के करीब 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सुरक्षा के लिए सभी ठिकानों पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। टीम ने दस्तावेजों, कारोबारी लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की सघन जांच की तथा संबंधित लोगों से पूछताछ भी की। इसी मामले में कोलकाता के दो ठिकानों पर भी ईडी ने कार्रवाई की।
देर रात ज्ञानचंद जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार करने के बाद ईडी की टीम दोनों को मेडिकल जांच के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में पिता-पुत्र ने हंगामा करते हुए खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया। ज्ञानचंद जायसवाल ने कहा कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है और उन्हें दवा नहीं दी जा रही है। हालांकि, ईडी की ओर से गिरफ्तारी और जांच को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई झारखंड में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जी कंपनियों और बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने से जुड़े 734 करोड़ रुपये के मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी अब गिरफ्तार पिता-पुत्र से पूछताछ कर मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित कड़ियों की जांच करेगी।











