सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान आम लोगों के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर (BP) और डायबिटीज के मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी शरीर में डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर असंतुलन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ने जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है।
BP और डायबिटीज मरीजों पर क्यों बढ़ता है खतरा?
डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल तेजी से बाहर निकलते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिसका सीधा असर ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर पड़ता है।
डायबिटीज मरीजों में डिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है, जबकि BP मरीजों में चक्कर, कमजोरी और लो या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हीटवेव के दौरान हार्ट पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है।
हीटवेव में दिख सकते हैं ये लक्षण
- अत्यधिक पसीना आना
- सिरदर्द और चक्कर
- कमजोरी और थकान
- तेज प्यास लगना
- सांस लेने में दिक्कत
- ब्लड शुगर का अचानक बढ़ना या घटना
- घबराहट और बेचैनी
यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
दिनभर शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर नियमित अंतराल पर पानी पीने की सलाह देते हैं।
2. धूप में निकलने से बचें
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। जरूरत होने पर छाता, टोपी और हल्के कपड़ों का इस्तेमाल करें।
3. खानपान का रखें ध्यान
हल्का और पौष्टिक भोजन लें। ज्यादा तेल-मसाले और जंक फूड से दूरी बनाएं। फल, सलाद और तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं।
4. दवाइयां समय पर लें
BP और डायबिटीज मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से लें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा में बदलाव न करें।
5. ब्लड शुगर और BP की नियमित जांच करें
गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य की निगरानी बेहद जरूरी है। नियमित जांच से अचानक होने वाली समस्या से बचा जा सकता है।
बुजुर्ग और बच्चों को रखें विशेष सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग हीटवेव से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादा देर तक गर्म वातावरण में नहीं रखना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह कब जरूरी?
अगर तेज बुखार, बेहोशी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें। हीट स्ट्रोक की स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर हीटवेव के खतरे से बचा जा सकता है।










