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Jharkhand News: शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र, हेमंत सोरेन ने दिए बड़े निर्देश

By Tamishree Mukherjee

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Hemant Soren Dal Bhat Kendra

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सोशल संवाद /डेस्क : झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने राज्य में खाद्य सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए नए दाल-भात केंद्र स्थापित करने तथा इनके लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा।

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बैठक में विभागीय मंत्री Irfan Ansari भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समयबद्ध, पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति हो। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य वितरण प्रणाली में आधुनिक तकनीक और नवाचारों को शामिल कर इसे पूरी तरह जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के निर्देश दिए।

राज्य में संचालित हैं 370 दाल-भात केंद्र

मुख्यमंत्री दाल-भात योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्यभर में 370 दाल-भात केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां मात्र पांच रुपये में लोगों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शहरी मजदूरों और श्रमिकों की सुविधा के लिए नए केंद्र खोलने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य में कुछ स्थानों पर मॉडल दाल-भात केंद्र भी विकसित किए जाएं, ताकि जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

राशन वितरण में पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राशन कार्ड से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। साथ ही नए पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और अपात्र लाभुकों की पहचान कर खाद्य वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा के समान है, इसलिए इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

पीवीटीजी परिवारों तक पहुंचे खाद्यान्न

बैठक में विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से सभी पीवीटीजी परिवारों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचता रहे।

इसके अलावा उन्होंने सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

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