सोशल संवाद / डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के लंबित वित्तीय बकाया का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार से ₹1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मांग की।

कोयला कंपनियों और सार्वजनिक उपक्रमों पर बकाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि कोयला कंपनियों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों पर झारखंड के खनन कार्यों के बदले लंबित है। उन्होंने इसे राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जल्द से जल्द भुगतान की मांग की।
विकास परियोजनाओं के लिए फंड की जरूरत
हेमंत सोरेन ने कहा कि यदि यह राशि राज्य को मिलती है तो इसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में लगाया जाएगा, जिससे झारखंड के विकास को नई गति मिलेगी।
जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं पर भी जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन के तहत लगभग ₹6,000 करोड़ की लंबित राशि जारी करने की भी मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
खनिज राज्य से आगे विकास की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज संसाधनों के स्रोत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक विकास साझेदार राज्य के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी आधारित निवेश को बढ़ावा देने की बात कही।
मानव संसाधन विकास पर फोकस
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है और केंद्र से सहयोग मिलने पर यह प्रयास और तेज होंगे।









