सोशल संवाद/डेस्क : रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस पर नया विवाद सामने आया है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।

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महतो पिछले कई दिनों से रांची सदर अस्पताल के ICU में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी दी है।
तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे महतो
देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उनका आरोप है कि इसके बाद उनके कमरे के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इस घटनाक्रम की जानकारी सामने आने के बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्र इसे लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
आंदोलन के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से JPSC-JSSC में कथित धांधली और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं।
आंदोलन के दौरान उन्होंने भूख हड़ताल में भी हिस्सा लिया था। बाद में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत और खराब होने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्वतंत्रता दिवस पर बढ़ी सियासी हलचल
एक तरफ देशभर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है, वहीं रांची में JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर यह नया विवाद सामने आया है। अब देवेंद्र नाथ महतो के आरोपों के बाद छात्रों और प्रशासन के बीच मामला और चर्चा में आ गया है।
फिलहाल, अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलने और पुलिस बल की तैनाती को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।









