सोशल संवाद / रांची: झारखंड में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम सहित मलेरिया प्रभावित जिलों में रोकथाम और उपचार अभियान को युद्धस्तर पर चलाने का आदेश दिया है। साथ ही सभी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बुखार या मलेरिया का एक भी मामला सामने आने पर तत्काल जांच अभियान शुरू किया जाए। प्रभावित गांवों और इलाकों में रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) के माध्यम से जांच, समय पर दवा उपलब्ध कराना, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जैसी गतिविधियों में तेजी लाई जाए। गंभीर मरीजों को बिना देरी अस्पताल में भर्ती कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में मलेरिया जांच किट, आवश्यक दवाएं और अन्य जरूरी संसाधनों की कोई कमी न रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव जाकर बुखार सर्वे करने और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच करने का निर्देश दिया गया है।
पूर्वी सिंहभूम में हाल के दिनों में मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे निगरानी रखने, नए मामलों की तत्काल रिपोर्टिंग करने तथा मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि बुखार, ठंड लगना या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी तथा अन्य सुरक्षा उपायों का नियमित उपयोग करें।









