सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड में बेटियों की सेहत को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम पहल शुरू की गई है। भारत सरकार के सहयोग से राज्य में लगभग चार लाख किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन मुफ्त लगाई जाएगी। यह राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी से लागू हो चुका है और इसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है।
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अभियान की प्रगति और रणनीति को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्टेट टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूरे कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए एक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट गठित करने का निर्णय लिया गया, जो योजना की मॉनिटरिंग और समन्वय का कार्य करेगी।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि टीकाकरण अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किशोरी इससे वंचित न रह जाए। यदि किसी कारण से कोई लाभार्थी छूट जाती है, तो उसका फोन के माध्यम से फॉलोअप किया जाएगा। एएनएम द्वारा व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर वस्तुस्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही कम मैनपावर में अधिक प्रभावी निगरानी के लिए एआई आधारित कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।
बैठक में यह भी कहा गया कि जहां-जहां टीकाकरण में गैप पाया जाए, उसे तुरंत चिन्हित कर पूरा किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोकारो के चंदनकियारी से जुड़े एक मामले में चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप की जानकारी मिलने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा, आईपीआरडी, कल्याण विभाग, पुलिस प्रशासन और विभिन्न एनजीओ के सहयोग पर भी जोर दिया गया है।
राज्य सरकार ने 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की करीब चार लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।









