सोशल संवाद/डेस्क : एक नए राजनीतिक विवाद ने जोर पकड़ लिया है। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके की मां ने मीडिया से बातचीत करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे अभिजीत दीपके पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया गया और उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने बीजेपी जॉइन नहीं की, तो उनके माता-पिता को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
दीपके की मां के मुताबिक, उनके बेटे को एक वीडियो संदेश के जरिए चेतावनी दी गई थी। इस संदेश में कथित तौर पर कहा गया कि यदि अभिजीत दीपके बीजेपी में शामिल नहीं हुए, तो उनके माता-पिता को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि धमकी देने वालों ने उनके घर और परिवार की लोकेशन तक का जिक्र किया, जिससे पूरा परिवार डर के साये में आ गया।
उन्होंने बताया कि इन धमकियों के बाद उनका परिवार इतना भयभीत हो गया था कि उन्हें अपना घर छोड़कर करीब दो सप्ताह तक कोंकण में अपने रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ा। उनके अनुसार, उस दौरान परिवार की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी सुरक्षा थी और हर समय किसी अनहोनी का डर बना हुआ था।
अभिजीत दीपके के पिता ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि या तो बीजेपी जॉइन करो, वरना तुम्हारे माता-पिता को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इन आरोपों की किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही जांच का कोई अंतिम निष्कर्ष सामने आया है। वहीं, बीजेपी की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल इस मामले को अभिजीत दीपके के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यह मामला अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और सच्चाई क्या सामने आती है।









