सोशल संवाद / डेस्क : संसद के मानसून सत्र में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर सच बोलने की वजह से उन्हें सजा भी मिलती है, तो वह उसे स्वीकार करेंगी, लेकिन अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगी।
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प्रियंका गांधी का यह बयान उस विवाद के बीच आया है, जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है, जिनका नाम पहले बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई का समर्थन करने को लेकर विवादों में रहा है। हालांकि भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर चुकी है।
‘मेरे पास सबूत हैं, मैं पीछे नहीं हटूंगी’
लोकसभा में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने जो भी बातें कही हैं, वे तथ्यों के आधार पर कही हैं। उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत भी पेश कर सकती हैं। उन्होंने कहा,
“अगर सच बोलने की सजा मिलती है तो वह भी मंजूर है, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगी।”
उनके इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
सदन में हंगामा, भाजपा ने किया विरोध
प्रियंका गांधी के बयान पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सत्ता पक्ष का कहना था कि कांग्रेस बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगा रही है और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है। वहीं विपक्षी दलों के सांसद प्रियंका गांधी के समर्थन में खड़े दिखाई दिए, जिससे सदन में कुछ समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि विपक्ष जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, हाल के दिनों में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को ऐसे व्यक्ति को इतनी अहम जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए, जिनका नाम किसी भी तरह के विवाद से जुड़ा हो। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासत तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गरमा सकता है, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाने के संकेत दे चुकी है।









