सोशल संवाद/डेस्क: सोने के गहनों का शौक हर किसी को होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि Income Tax विभाग ने हर परिवार के सदस्य के लिए गोल्ड रखने की एक निश्चित सीमा तय कर रखी है? अगर आपके पास उससे ज्यादा सोना है, तो उसका स्रोत बताना जरूरी होता है।
यह भी पढ़ें: एमपी वोटर लिस्ट डाउनलोड SIR : जानिए कैसे चेक करें अपना नाम मतदाता सूची में, स्टेप बाय स्टेप पूरी प्रक्रिया
दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने साल 1994 में एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें बताया गया कि परिवार के अलग-अलग सदस्यों के पास कितना सोना बिना किसी दस्तावेज के रखा जा सकता है।
अविवाहित महिलाएं 250 ग्राम तक सोना रख सकती हैं। इससे अधिक मात्रा में गोल्ड होने पर इनकम का स्रोत बताना अनिवार्य होगा। शादीशुदा महिलाओं के लिए यह सीमा 500 ग्राम तय की गई है। इस सीमा तक किसी प्रमाण की जरूरत नहीं होती, लेकिन इससे ज्यादा गोल्ड होने पर सोर्स बताना जरूरी होगा।
परिवार के पुरुष सदस्य 100 ग्राम तक सोना या ज्वेलरी रख सकते हैं। इससे ज्यादा होने पर जांच के दौरान इनकम टैक्स विभाग गोल्ड के स्रोत की जानकारी मांग सकता है। अगर परिवार में पति, पत्नी, बेटा और बेटी हैं, तो कुल 950 ग्राम गोल्ड ज्वेलरी रखी जा सकती है। इससे अधिक होने पर टैक्स विभाग स्रोत पूछ सकता है या दस्तावेज न होने पर सोना जब्त भी कर सकता है।
यह लिमिट केवल टैक्स जांच के दौरान लागू होती है। यदि आपके पास सोना खरीदने की वैध रसीदें या दस्तावेज हैं, तो आप किसी भी मात्रा में गोल्ड रख सकते हैं। इसलिए, अगर आपके पास ज्यादा सोना है, तो उसकी खरीद के सभी जरूरी कागज संभालकर रखें ताकि टैक्स जांच के समय कोई परेशानी न हो।










