सोशल संवाद / डेस्क : भारत ने युद्ध प्रभावित गाजा के पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारत ने फिलिस्तीन के लिए स्पेशलिटी अस्पताल, कृत्रिम अंग (Artificial Limb) फिटमेंट सेंटर और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान (Vocational Training Institute) स्थापित करने की घोषणा की है। भारत की इस नई विकास सहायता का फिलिस्तीन ने स्वागत करते हुए इसे गाजा के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

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गाजा के पुनर्निर्माण में भारत का सहयोग
फिलिस्तीन दूतावास ने जारी बयान में भारत सरकार और भारतीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युद्ध प्रभावित लोगों के पुनर्वास में अहम भूमिका निभाएंगी। दूतावास के अनुसार, लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण गाजा का स्वास्थ्य ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है और हजारों लोगों को चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाओं की आवश्यकता है।
अस्पताल, कृत्रिम अंग केंद्र और प्रशिक्षण संस्थान होंगे स्थापित
भारत की नई सहायता योजना के तहत :
- गाजा में एक स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।
- युद्ध में घायल लोगों के लिए आर्टिफिशियल लिम्ब फिटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा।
- युवाओं को रोजगारपरक कौशल देने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, दिव्यांगों के पुनर्वास में सहायता करना और युवाओं को रोजगार योग्य कौशल उपलब्ध कराना है।
भारत ने दो-राष्ट्र समाधान का दोहराया समर्थन
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में ब्रुसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक के दौरान इन परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करता रहा है और फिलिस्तीनी जनता के लिए मानवीय सहायता जारी रखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी UNRWA भारत को अपने प्रमुख उभरते दानदाताओं में मानती है।
भारत-फिलिस्तीन संबंध होंगे और मजबूत
फिलिस्तीन दूतावास ने कहा कि भारत की यह पहल दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करेगी। साथ ही, इससे गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं, पुनर्वास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।










